भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दीपावली पर लोगों ने करोड़ों मीट्रिक टन पटाखे जलाए हैं, बताया जा रहा है कि इस बार 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पटाखों का व्यापार हुआ है, लेकिन इससे प्राणवायु कितनी जहरीली हो गई, ये आंकड़ें बता रहे हैं। बीते 24 घंटों में ही मध्य प्रदेश में प्रदूषण का स्तर दोगुना चुका है। प्रदेश के 13 इलाके रेड जोन में बताए जा रहे हैं। यहां सभी स्थानों पर एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 300 के पार पहुंच चुका है।
अनूपपुर में असर नहीं, मंडीदीप में कम प्रदूषण
बीते 24 घंटे में केवल अनूपपुर ही ऐसा शहर रह गया है, जहां आज भी एक्यूआई 100 से नीचे है, जबकि बाकी अन्य स्टेशनों पर एक्यूआई 100 के पार पहुंच गया है। सबसे अधिक वायु प्रदूषण ग्वालियर के डीडी नगर में 364 एक्यूआई दर्ज हुआ। दूसरे नंबर पर इंदौर के छोटी ग्वालटोली में एक्यूआई 362 और जबलपुर के गुप्तेश्वर महादेव में 352 दर्ज किया गया।
बड़े शहरों में सबसे अधिक प्रदूषण
दीपावली पर प्रदूषण की मात्रा बढ़ने भोपाल के तीनों स्टेशनों में एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 300 के पार है। यही हालत इंदौर और ग्वालियर की भी हुई है, इन दोनों शहरों में कुछ स्टेशनों में एक्यूआई 350 के पार तक पहुंच गया। वहीं जबलपुर में एक स्टेशन पर एक्यूआई लेवल 350 के पार बताया नजर आया। इनके अलावा सागर, सिंगरौली और पीथमपुर में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया गया है. यानि इन शहरों की हवा बहुत खराब श्रेणी की है।
पिछले साल बनी थी गंभीर स्थिति
हालांकि पिछली बार के मुकाबले इस बार राहत यह रही कि दीपावली के दूसरे दिन 400 के पार किसी भी स्टेशन में एक्यूआई दर्ज नहीं किया गया। क्योंकि बीते साल 1 नवंबर 2024 को प्रदेश के कुछ शहरों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था, लेकिन इस बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि ‘पिछले साल दीवाली के दूसरे दिन ग्वालियर के डीडी नगर में एक्यूआई 463, इंदौर के मगुधा नगर में 426 और इंदौर के छोटी ग्वालटोली में 406 तक पहुंच गया था, इसी तरह भोपाल में भी पिछले साल की अपेक्षा इस बार प्रदूषण कम है। पिछले साल यहां केवल पर्यावास परिसर में एक्यूआई 306 दर्ज किया गया था, जबकि अन्य स्थानों की हवा संतोषजनक थी।’
इन शहरों की हवा बहुत खराब – भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, सागर, सिंगरौली, पीथमपुर
इन शहरों में हवा की स्थिति खराब – नरसिंहपुर, रतलाम, कटनी, खंडवा


