छिदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में सिरप कांड में 22 बच्चों की मौत हुई है, किसी ने अपने बेटे को खाया, तो किसी ने बेटी को खाया हैं, और उन मां-बाप ने अपने हाथों से दवाई के बदले जहर पिलाया है। उनका क्या पता था कि दवाई नही जहर हैं, और यह सिलसिला लगातार चला रहा, शायद समय रहते जिम्मेदार जागे होते तो शायद बच्चों की मौत का आंकड़ा इतना नहीं होता, कहीं ना कहीं ड्रग कंट्रोलर से लेकर स्वास्थ्य विभाग लापरवाही का नतीजा हैं, लेकिन इस मामले में दवाई लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी दवा कंपनी मलिक रंगनाथन और अन्य चार लोगो पर भी मामला दर्ज किया गया है, और सभी आरोपी सलाखों के पीछे है, लेकिन इस पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि और भी डॉक्टरों ने कोल्ड्रिफ दवाई को लिखा था, लेकिन उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, और आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी और अपना मेडिकल स्टोर की प्रोपराइटर दो डॉक्टर कब करवाई होगी यह चर्चाओं का विषय बना हुआ हैं।
दवा कंपनी के मालिक रंगनाथन को चेन्नई से लेकर छिंदवाड़ा पहुंची SIT
दरअसल सिरप पीने से मासूम बच्चों की मौत के बाद 5 अक्टूबर को परासिया थाने में शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी और दवाई कंपनी के मालिक रंगनाथन पर मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने 6 अक्टूबर को डॉक्टर प्रवीण सोनी को छिंदवाड़ा से गिरफ्तार किया था और रंगनाथन को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर 10 अक्टूबर को परासिया थाने लेकर पहुंची थी, और उसी दिन परासिया के कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद पुलिस को 10 दिन की पुलिस रिमांड मिली थी, पुलिस ने इस मामले में कई हम सबूत को भी जुटा था, जिससे 10 दिनों तक पूछताछ और जहां दवाई बनती थी। वहां तक पहुंचकर कई एविडेंस एसआईटी कलेक्ट किया था। इसके बाद तीन अन्य लोगों पर भी मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी। जहां उन्हें जेल पहुंचा दिया गया था, लेकिन दवा कंपनी का मालिक रंगनाथन 10 दिन की डिमांड में पूछताछ की गई, जिसके बाद 20 अक्टूबर को कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उसे जेल भेज दिया है, पुलिस ने इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
‘दोषी नहीं छूटेंगे’
छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र में कोल्ड्रिय दवाई लिखने वाले दो डॉक्टर पर क्यों करवाई नहीं की जा रही है या फिर उन्हें बचाया जा रहा है कई तरह के सवाल अब खड़े हो रहे हैं साहब इन्होंने भी बच्चों की जान ली है और पीड़ित परिवार भी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा है लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है मंत्री जी भी आए थे उन्होंने परिजनों से मुलाकात भी की और भरोसा भी जिताया कार्रवाई होगी लेकिन मंत्री जी कब होगी यह नहीं पता आखिर कब परिवार के लोगों को इंसाफ मिलेगा इसका कोई भी पता नहीं है अपने ही कहा था पीड़ित परिवारों को दोषियों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी मध्य प्रदेश की सरकार आप लोगों के साथ है लेकिन साहब कितने दिनों बीत गए उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है


