खंडवा/हरेंद्रनाथ ठाकुर/खबर डिजिटल/ अवैध शराब बिक्री और खुलेआम शराबखोरी के खिलाफ मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता मुल्लू राठौर और अर्चना तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ता ने गले में शराब की खाली बोतलें लटकाकर जनसुनवाई कक्ष में पहुंचे, तो प्रशासनिक अधिकारियों और उपस्थित लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। यह दृश्य देखकर जनसुनवाई का माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह बदल गया। कांग्रेसी कार्यकर्ता “अवैध शराब बंद करो, प्रशासन जागो जागो” के नारे लगाते हुए जनसुनवाई कक्ष पहुंचे। उनका आरोप था कि खंडवा शहर और ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। शराब की दुकानों के आगे बिना अनुमति शराब पिलाने के अहाते बनाए गए हैं, जहां नाबालिग और युवा खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं।
महिलाएं और बच्चे हो रहे प्रभावित
महिला कांग्रेस नेत्री अर्चना तिवारी ने कहा कि शहर की कई कॉलोनियों और वार्डों में शराब का जाल इस कदर फैल चुका है कि घरों की महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। “बच्चों और पतियों में शराब की लत बढ़ती जा रही है। शराब के कारण घरों में कलह बढ़ रही है, आर्थिक स्थिति खराब हो रही है, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन ने इस विषय पर पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपे हैं, लेकिन आबकारी विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो हम सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। अर्चना तिवारी ने प्रशासन को यह चेतावनी दी।
एडीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
विरोध प्रदर्शन के दौरान एडीएम काशीराम बडोले ने तत्काल आबकारी विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि 24 से 48 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करें। एडीएम ने भरोसा दिलाया कि जहां-जहां अवैध शराब बिक रही है, वहां कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आबकारी अधिकारी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने कहा कि शिकायतों की जांच की जा रही है। “यदि किसी भी स्थान पर बिना अनुमति शराब परोसी जा रही है या अवैध बिक्री हो रही है, तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
विरोध के अनोखे तरीके ने खींचा ध्यान
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन इस बार पूरी तरह अलग अंदाज में रहा। सभी कार्यकर्ताओं ने गले में खाली शराब की बोतलें लटकाई थीं, जिन पर “अवैध शराब बंद करो”, “बचाओ हमारे बच्चे”, “आबकारी विभाग जागो” जैसे स्लोगन लिखे थे। जैसे ही वे जनसुनवाई में पहुंचे, वहां मौजूद अधिकारियों और नागरिकों में चर्चा शुरू हो गई।
अवैध शराब का ताना-बाना
मुल्लू राठौर ने कहा, “खंडवा में अवैध शराब के कारण समाज का ताना-बाना बिखर रहा है। प्रशासन अगर समय पर कार्रवाई नहीं करेगा तो कांग्रेस जनआंदोलन शुरू करेगी।” उन्होंने कहा कि शराब दुकानों के आसपास बनने वाले अवैध अहाते और ठेकों के सामने जमावड़ों से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।
प्रशासन के रवैये पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण ही शहर में अवैध शराब का जाल फैलता जा रहा है। कई जगहों पर शिकायत के बावजूद कोई छापा नहीं मारा गया। “ऐसा लगता है मानो विभाग के संरक्षण में ही ये धंधा चल रहा है,” नेताओं ने कहा।
जनसुनवाई से निकले आश्वासन के साथ
करीब आधे घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद जब एडीएम और आबकारी अधिकारी ने लिखित कार्रवाई के आश्वासन दिए, तब जाकर कार्यकर्ता जनसुनवाई कक्ष से बाहर निकले। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो वे शहर में शराब दुकानों और अहातों के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे। खंडवा में कांग्रेस का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी साबित हुआ, बल्कि शहरवासियों का ध्यान भी इस गंभीर सामाजिक समस्या की ओर खींच गया।
