भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। एनएसई (NSE) पर इंट्रा-डे कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर ~2% की तेजी के साथ ₹599.80 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया और अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। बीते एक महीने में कंपनी के शेयरों में लगभग 20% की बढ़त दर्ज की गई है। इस तेजी का मुख्य कारण कंपनी की महत्वाकांक्षी डीमर्जर (विभाजन) योजना को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से मंजूरी मिलना माना जा रहा है। 16 दिसंबर को मिली इस मंजूरी के बाद से ही वेदांता का शेयर लगातार छठे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ है।
वेदांता समूह की पुनर्गठन योजना के तहत, वर्तमान में सूचीबद्ध वेदांता लिमिटेड को पाँच अलग-अलग स्वतंत्र और सूचीबद्ध इकाइयों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता आयरन एंड स्टील और एक पुनर्संरचित वेदांता लिमिटेड शामिल होंगी। इस रणनीतिक कदम से परिचालन दक्षता और शेयरधारकों के मूल्य में वृद्धि होने की उम्मीद है। इसी बीच, वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने चांदी (सिल्वर) की भविष्य की संभावनाओं को लेकर खासा उत्साह जताया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर साझा किया कि डॉलर के लिहाज से सिल्वर ने साल-दर-साल 125% की शानदार बढ़त दर्ज की है और यह अपने औद्योगिक उपयोग के कारण सोने की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है।
बाजार विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्म्स ने भी वेदांता पर अपना सकारात्मक आउटलुक बरकरार रखा है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, कंपनी पर नजर रखने वाले 14 विश्लेषकों में से 10 ने इसे ‘बाय’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने शेयर के लिए ₹686 का सबसे ऊँचा लक्ष्य मूल्य (Target Price) दिया है। सकारात्मक माहौल को इस बात से भी बल मिला है कि एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने हाल ही में कंपनी की पैरेंट इकाई, वेदांता रिसोर्सेज की रेटिंग आउटलुक को ‘स्टेबल’ से बदलकर ‘पॉजिटिव’ कर दिया है। एजेंसी ने इसके पीछे मजबूत आय दृश्यता, उत्पादन लागत में कमी और अनुकूल धातु कीमतों का हवाला दिया है।
बीते छह महीनों में वेदांता के शेयर ने 33% से अधिक की तेजी के साथ व्यापक बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी अवधि के दौरान जहाँ एनएसई निफ्टी में करीब 5% और निफ्टी मेटल इंडेक्स में लगभग 15% की बढ़त देखी गई, वहीं वेदांता ने निवेशकों को कहीं अधिक रिटर्न दिया है। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि एल्युमिनियम, जिंक और सिल्वर की वैश्विक मांग में सुधार और कंपनी की क्षमता विस्तार योजनाओं से आने वाले समय में वेदांता की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।


