मुंबई: भारत के प्रमुख विविध व्यापारिक समूहों में से एक, जेएसडब्ल्यू ग्रुप ने अपने संगठन को भविष्य के लिए तैयार करने और मानव संसाधन (HR) विभाग को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नेतृत्व टीम में महत्वपूर्ण नियुक्तियों की घोषणा की है। समूह ने संदीप बत्रा को स्टील और कॉर्पोरेट कार्यों के लिए अध्यक्ष और मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (CHRO) नियुक्त किया है। संदीप बत्रा जेएसडब्ल्यू स्टील और कॉर्पोरेट स्तर पर कर्मचारियों, टैलेंट और कार्य-संस्कृति के एजेंडे का नेतृत्व करेंगे। उनका मुख्य ध्यान संगठनात्मक प्रभावशीलता, नेतृत्व क्षमता और प्रतिभा प्रबंधन के माध्यम से एक उच्च-प्रदर्शन वाली टीम तैयार करने पर होगा।
संदीप बत्रा के पास आईटी, रिटेल, टेलीकॉम और एविएशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। जेएसडब्ल्यू ग्रुप से जुड़ने से पहले वे ‘अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड’ में मुख्य कार्मिक अधिकारी (CPO) के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने लैंडमार्क ग्रुप, वोडाफोन इंडिया और भारतीय सेना में एक कमीशन अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनके अनुभव का लाभ जेएसडब्ल्यू ग्रुप की उत्पादकता और संगठन डिजाइन को नई ऊंचाई पर ले जाने में मिलेगा।
इसी क्रम में, जेएसडब्ल्यू ने शिल्पी लाल शर्मा को ‘ग्रुप हेड – टैलेंट, लर्निंग एंड डेवलपमेंट और डीईआई (विविधता, समानता और समावेश)’ के रूप में नियुक्त किया है। शिल्पी सभी व्यवसायों में ग्रुप के लर्निंग आर्किटेक्चर, नेतृत्व विकास और समावेश एजेंडे को चलाने के लिए जिम्मेदार होंगी और वे सीएचआरओ संदीप बत्रा को रिपोर्ट करेंगी। शिल्पी के पास टैलेंट मैनेजमेंट और संगठनात्मक विकास में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वे वेल्सपन ग्रुप, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे संस्थानों में वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभा चुकी हैं।
इन नियुक्तियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री पार्थ जिंदल ने कहा कि जैसे-जैसे जेएसडब्ल्यू ग्रुप अपने व्यवसायों का विस्तार कर रहा है, नेतृत्व और जन क्षमताओं को मजबूत करना समूह की रणनीतिक प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि संदीप बत्रा का व्यापक अनुभव और टैलेंट व समावेश के क्षेत्र में शिल्पी की विशेषज्ञता समूह की दीर्घकालिक वृद्धि को गति देने वाली अत्याधुनिक टीमें बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह बदलाव जेएसडब्ल्यू की एक मजबूत प्रदर्शन-संचालित संस्कृति और भविष्य के प्रति तैयार संगठन निर्माण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


