रीवा/ अरविंद तिवारी/ खबर डिजिटल/ जिले के चौरहटा थाना क्षेत्र के मैदानी इलाके में एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान यह सनसनीखेज मामला सामने आया। सीधी के जमोड़ी से आई एक महिला ने अपने कीमती गहने एक डिब्बे में रखे थे। काम में व्यस्त होने के बाद जब महिला ने अलमारी चेक की, तो गहने और उसका नाबालिग बेटा दोनों गायब थे।
पुलिस को दो दिन तक घुमाता रहा नाबालिग
शिकायत मिलने पर चौरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने सक्रियता दिखाई। मोबाइल सर्विलांस के जरिए पुलिस नाबालिग तक पहुंची, लेकिन वह शातिर अपराधियों की तरह पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने पहले पुलिस को बताया कि गहने कार्यक्रम स्थल के पास छिपे हैं, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला।

मनोवैज्ञानिक पूछताछ में खुला राज
जब पुलिस ने कड़ाई के बजाय मनोवैज्ञानिक तरीके से किशोर से बात की, तो उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि ऑनलाइन गेम में वह कर्जदार हो चुका था और उसे चुकाने के लिए उसने चोरी की। गहने उसने जमोड़ी में अपने एक दोस्त के घर छिपा रखे थे। पुलिस ने दबिश देकर 15 लाख रुपये के कीमती आभूषण बरामद कर लिए।
मां ने दी माफी
पकड़े जाने के बाद किशोर अपनी मां के सामने गिड़गिड़ाने लगा और रहम की भीख मांगी। बेटे की उम्र और भविष्य को देखते हुए मां का दिल पसीज गया और उन्होंने उसे माफ कर दिया।


