मुंबई : सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मलाबार ग्रुप ने अपने ‘माइक्रो लर्निंग सेंटर्स’ (MLC) के विस्तार की घोषणा की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके या बाल श्रम में लगे वंचित बच्चों को बुनियादी शिक्षा और पौष्टिक भोजन प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा की औपचारिक शिक्षा प्रणाली से दोबारा जोड़ना है। इस विस्तार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्रुप के मुख्यालय (कोझिकोड) में स्वयंसेवकों और समन्वयकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
वर्तमान में मलाबार ग्रुप देश के 18 राज्यों में 1,534 माइक्रो लर्निंग सेंटर संचालित कर रहा है, जिनसे 64,000 से अधिक बच्चों को लाभ मिल रहा है। यह पहल समूह के ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ (Hunger Free World) कार्यक्रम का हिस्सा है। इस विस्तार पर टिप्पणी करते हुए मलाबार ग्रुप के चेयरमैन श्री एमपी अहमद ने कहा, “कमजोर वर्ग के बच्चों को भोजन, शिक्षा और समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर देना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। व्यवसायों को दीर्घकालिक सामाजिक प्रभाव पैदा करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
मलाबार ग्रुप के सीएसआर (CSR) प्रभाव के मुख्य बिंदु:
- ऐतिहासिक निवेश: समूह अपनी स्थापना से ही मुनाफे का 5% सीएसआर गतिविधियों में निवेश करता है, जिसके तहत अब तक 376 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
- वैश्विक पहुँच: ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ के माध्यम से भारत, जाम्बिया और इथियोपिया में प्रतिदिन 1.15 लाख से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सामाजिक सुरक्षा: ‘ग्रैंडमा होम’ परियोजना के जरिए बेसहारा महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान किया जाता है।
- सकारात्मक बदलाव: समूह की विभिन्न पहलों से अब तक 18 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सुधार आया है।


