डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव / कड़ी मेहनत और प्रशासनिक अमले की पूरी ताकत झोंकने के बाद भी डिंडोरी जिला ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ Jal Sanchay Jan Bhagidari Abhiyan में देश में पहला स्थान हासिल करने से चूक गया। दो महीने तक चले इस कड़े मुकाबले में तकनीकी दिक्कतों के कारण डिंडोरी को राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। इस प्रतियोगिता में आंध्र प्रदेश का ‘अल्लूरी सीताराम राजू’ जिला पहले नंबर पर रहा, जबकि वहां का ही ‘पार्वतीपुरम मन्यम’ जिला दूसरे स्थान पर कब्जा जमाने में कामयाब रहा।
इस अभियान के दौरान डिंडोरी जिला लगातार दो महीने तक देश में दूसरे स्थान पर मजबूती से डटा हुआ था। लेकिन अंतिम चरण के आखिरी दो दिनों में आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम मन्यम जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए डिंडोरी को पछाड़ दिया। इस बड़े उलटफेर की मुख्य वजह डिंडोरी जिले में अंतिम दिनों में खड़ी हुई नेटवर्क की गंभीर समस्या थी। नेटवर्क न होने के कारण मैदानी अमले द्वारा किए गए कार्यों की ‘जियो टैग फोटो’ मुख्य पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सकीं।

अल्लूरी सीताराम राजू (प्रथम): 10 लाख 49 हजार 644 फोटो अपलोड किए।
पार्वतीपुरम मन्यम (द्वितीय): 10 लाख 10 हजार 522 फोटो अपलोड किए।
डिंडोरी (तृतीय): नेटवर्क की कमी से अंतिम दिनों में पिछड़कर केवल 8 लाख 3 हजार 979 फोटो ही अपलोड कर पाया।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के नेतृत्व में जिले भर में व्यापक काम किया गया था। जानकारों का मानना है कि अगर आखिरी के तीन दिनों में नेटवर्क साथ देता, तो डिंडोरी निश्चित रूप से दूसरे या पहले स्थान पर होता। इस अभियान में प्रशासन ने तो अपनी भूमिका बखूबी निभाई, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से उम्मीद के मुताबिक सहयोग और उत्साह देखने को नहीं मिला।
भले ही डिंडोरी डिजिटल रुकावट के कारण तीसरे स्थान पर रहा, लेकिन उसने राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए बेस्ट जोन में पहला स्थान हासिल करके अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। दो महीने की इस मैराथन दौड़ में जिले के भीतर कुल 8,03,979 जल संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार किया गया।
कंटूर ट्रेंच: 1,72,543
रिचार्ज पिट: 61,254
रूफटॉप वॉटर हार्वेस्टिंग: 16,719
गली प्लग: 16,312
खेत तालाब: 10,012
ड्रिप इरिगेशन संरचनाएं: 8,412
चेकडैम: 6,687
बोरी बंधान: 3,441
डगवेल रिचार्ज: 8,990
हैंडपंप रिचार्ज: 2,257
अन्य तालाब: 2,395
गेबियन संरचनाएं: 1,922
परकोलेशन टैंक: 1,354

इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के करीब दो दर्जन विभागों के लगभग 5,000 अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात जुटे रहे। जिला स्तर पर बेहतरीन काम करने वाले विभागों की सूची इस प्रकार है:
वन विभाग: जल संरचनाओं के निर्माण में पूरे जिले में प्रथम स्थान पर रहा।
जनपद पंचायत डिंडोरी: ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर काम करके दूसरा स्थान प्राप्त किया।
ग्रामीण आजीविका मिशन: पौधों पर ड्रिप सिंचाई पद्धति को बढ़ावा देकर तीसरे स्थान पर रहा।
इसके साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग ने ड्रिप इरिगेशन पर, स्वास्थ्य विभाग ने अपनी इमारतों पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पानी के स्रोतों के पास सोक पिट बनाने पर विशेष ध्यान देते हुए इस अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
