Monday, November 2, 2026
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डिंडौरी के महावीर टोला स्कूल में शिक्षा की ‘उतरी खुमारी’, 60 से घटकर 15 पर सिमटी छात्रों की गिनती

डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव / ‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय’ यह पंक्ति बच्चों को संस्कार देने वाले शिक्षक के सम्मान में गाई जाती है। लेकिन डिंडौरी जिले के विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला महावीर टोला में हालात इसके ठीक उलट हैं। यहाँ क्लासरूम में अक्षरों का ज्ञान कम और मदिरा की बदबू ज़्यादा बिखर रही है। आरोप है कि पाठशाला को ‘मयखाना’ समझ बैठे एक शिक्षक की करतूतों ने न सिर्फ सरकारी शिक्षा प्रणाली की साख दांव पर लगा दी है, बल्कि नौनिहालों के भविष्य पर भी ग्रहण लगा दिया है।

​क्लास से कट रहे बच्चे, खाली पड़ी हैं बेंचें

​शिक्षक के कथित तौर पर नशे में धुत होकर स्कूल पहुँचने का ख़ामियाज़ा सीधे तौर पर मासूम बच्चों और उनके पढ़ाई-लिखाई को भुगतना पड़ रहा है। कभी जिस स्कूल के प्रांगण में 50 से 60 बच्चों की चहक गूँजती थी, आज वहाँ सन्नाटा पसरा हुआ है। अभिभावकों में इस कदर खौफ और नाराजगी है कि वे अपने बच्चों को इस माहौल में भेजने से कतरा रहे हैं। नतीजतन, स्कूल में दर्ज संख्या अब सिमटकर महज 15 से 16 बच्चों तक रह गई है। अभिभावकों का कहना है कि वे अपने बच्चों का भविष्य दांव पर नहीं लगा सकते।

​प्रभारी की ‘हाँ’ में छिपा सच, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा

​मामले ने तूल तब पकड़ा जब परेशान ग्रामीणों ने शिक्षक की हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और प्रशासन से सीधी कार्रवाई की गुहार लगाई। दिलचस्प बात यह है कि स्कूल के प्रभारी प्राचार्य कुलेश कुमार परस्ते ने भी इस बात पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कैमरे पर माना कि भले ही उन्होंने शिक्षक को शराब पीते हुए न देखा हो, लेकिन कई बार उनके मुँह से आने वाली शराब की दुर्गंध से पूरा माहौल असहज हो जाता है।

​आरोप-प्रत्यारोप और विभाग की चुप्पी

​दूसरी तरफ, कटघरे में खड़े आरोपी शिक्षक ने खुद को बेकसूर बताते हुए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि यह उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश है और उन्होंने कोई मदिरापान नहीं किया। ​फिलहाल, ग्रामीणों का आक्रोश, प्राचार्य का बयान और वायरल वीडियो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि महावीर टोला के इस मंदिर में ‘शिक्षा का दीया’ बुझने की कगार पर है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस पर महज कागजी खानापूर्ति करता है या कोई कड़ा कदम उठाकर महावीर टोला के नौनिहालों को फिर से ब्लैकबोर्ड की तरफ लौटने का हौसला देता है।

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