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निसबड ने टीवीईटी इकोसिस्टम में पीपीपी मॉडल को मजबूत करने पर अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु साउथ सूडान से उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की

नई दिल्ली : कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के तहत राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) 02 से 12 दिसंबर 2025 तक “साउथ सूडान टीवीईटी इकोसिस्टम में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को मजबूत करने” पर 12 दिन का अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय (MEA) की इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (ITEC) पहल के ज़रिए यूनेस्को के साथ मिलकर आयोजित किया गया है।


साउथ सूडान से भागीदारी

  • प्रतिनिधिमंडल: साउथ सूडान से 28 साझीदार शामिल हुए हैं।
  • प्रतिनिधि: जनरल एजुकेशन एंड इंस्ट्रक्शन, लेबर, यूथ एंड स्पोर्ट्स, और हायर एजुकेशन, साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालयों के सीनियर अधिकारियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
  • उच्च-स्तरीय सहभागिता: इस सप्ताह के अंत में साउथ सूडान गणराज्य के 3 मंत्रियों सहित उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का उद्देश्य निम्नलिखित क्षेत्रों में साउथ सूडान की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना है:

  • टीवीईटी (तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण) गवर्नेंस
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) फ्रेमवर्क
  • उद्यमिता विकास
  • उद्योग-एकीकृत कौशल मॉडल

कौशल भवन का दौरा और सचिव से बातचीत

साउथ सूडान के प्रतिनिधिमंडल ने आज कौशल भवन, नई दिल्ली का दौरा किया और कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव सुश्री देवश्री मुखर्जी के साथ विस्तृत बातचीत की।

  • MSDE का ढाँचा: सचिव ने MSDE द्वारा संचालित भारत के व्यापक कौशल ढांचे पर प्रकाश डाला, जो DGT, NCVET, NSDC, सेक्टर स्किल काउंसिल आदि जैसे संस्थानों को एक एकीकृत और समन्वित दृष्टिकोण के ज़रिए एक साथ लाता है।
  • सहयोग पर जोर: उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी की केंद्रीयता और टीवीईटी परिणामों में उद्यमशीलता को एकीकृत करने पर जोर दिया। उन्होंने कृषि आधारित आजीविका, निर्माण कौशल, महिला केंद्रित कौशल और डिजिटल कौशल जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की बढ़ते व्यापकता का भी उल्लेख किया।

प्रशिक्षण और फील्ड विज़िट

12 दिन के इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों पर भारत के दृष्टिकोण से अवगत कराया जाएगा:

  • योग्यता मानक-निर्धारण (Qualification Standard Setting)
  • इंडस्ट्री-लेड करिकुलम डिज़ाइन
  • उद्यमिता को बढ़ावा देना
  • डिजिटल लर्निंग सिस्टम (DLS) और RPL (Recognizing Prior Learning) फ्रेमवर्क
  • महिला-केंद्रित स्किलिंग पहल और सेक्टर-आधारित पीपीपी मॉडल

फील्ड विज़िट, संस्थागत बातचीत और मंत्रालयों, सेक्टर स्किल काउंसिल्स, प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों तथा उद्योग निकायों के साथ अनुभव साझा करने वाले सत्र इस कार्यक्रम का ज़रूरी हिस्सा होंगे।

यह पहल आईटीईसी फ्रेमवर्क के तहत क्षमता निर्माण, ज्ञान का आदान-प्रदान और दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है।

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