हाथ बाद में सेंक लेना भिया, इंदौर तो बचा लो

लेखक – प्रो. मनोज कुमारइंदौर इस समय दुखी है, परेशान है. अपने बच्चों और साथियों के अकाल मौत से उसके माथे पर सिकन दिख रही है. वह बेबस है. सिस्टम ने उसे कलंकित कर दिया है. साफ पीने का पानी भी उस इंदौर के लोगों को नसीब ना हो, यह देख-सुन कर लोकमाता अहिल्या भी कांप … Continue reading हाथ बाद में सेंक लेना भिया, इंदौर तो बचा लो