MP Anganwadi Workers: मध्य प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए खुशियों भरी खबर आई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रदेश की स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था को संभालने वाली इन महिलाओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार को मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कड़े निर्देश दिए हैं।
भुगतान पर कोर्ट का सख्त रुख
अदालत ने साल 2019 से 2023 के बीच सरकार द्वारा मानदेय में की गई कटौती को पूरी तरह गलत करार दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जून 2019 से जून 2023 तक का बकाया (एरियर्स) 6 प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाया जाए। प्रशासन को पिछले 48 महीनों की एरियर्स राशि का भुगतान करने के लिए 120 दिनों का समय दिया गया है।
अब मिलेगा ग्रेच्युटी का हक
इस फैसले का सबसे क्रांतिकारी पहलू कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्रेच्युटी एक्ट के दायरे में रखा जाए। अब सेवा निवृत्ति के समय इन कार्यकर्ताओं को खाली हाथ नहीं लौटना होगा, बल्कि उन्हें निर्धारित फॉर्मूले के तहत ग्रेच्युटी की राशि दी जाएगी। अदालत के इस रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि इन कार्यकर्ताओं का श्रम किसी भी नियमित कर्मचारी के बराबर है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का पूरा अधिकार है।


