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MP Census 2027: ड्यूटी से गायब 289 कर्मचारियों पर गिरी गाज, जवाब नहीं तो होगी कार्रवाई

जनगणना 2027 के पहले चरण में चल रहे मकान सूचीकरण अभियान में लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. नगर निगम क्षेत्र में इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान अनुपस्थित पाए गए लगभग 289 अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. सभी संबंधितों को निर्देश दिया गया है कि वे तय समय में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें और तुरंत ड्यूटी पर लौटें.

अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

निगमायुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल द्वारा जारी आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि कोई कर्मचारी समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देता या कार्य से अनुपस्थित रहता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर जनगणना अधिनियम के तहत एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है.

प्रशासन ने किया ये स्पष्ट

इस बीच प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर की जा रही गणना प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है. प्रगणक हर घर तक पहुंचकर मकानों का विस्तृत विवरण जुटा रहे हैं. इस सर्वे में कुल 33 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जा रही हैं, जिनमें मकान की बनावट, उपलब्ध सुविधाएं, परिवार की आर्थिक स्थिति और डिजिटल संसाधनों की स्थिति जैसे कई अहम पहलू शामिल हैं. नगर निगम क्षेत्र में यह अभियान बड़े स्तर पर संचालित हो रहा है. 22 जोन के 85 वार्डों में फैले 3,865 ब्लॉकों के जरिए सर्वे किया जा रहा है. अनुमान है कि इस प्रक्रिया में करीब 8 लाख मकानों तक पहुंच बनाई जाएगी. हर गणना ब्लॉक में औसतन 200 मकान या लगभग 700 से 800 लोगों को शामिल किया गया है.

सर्वे के दौरान हो रहा है ये सब

सर्वे के दौरान मकान की दीवार, छत और फर्श की स्थिति के साथ-साथ परिवार से जुड़ी सामाजिक और आर्थिक जानकारी भी दर्ज की जा रही है. इसके अलावा पेयजल व्यवस्था, शौचालय की उपलब्धता, खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला ईंधन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी ली जा रही है. डिजिटल संसाधनों की स्थिति और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी विवरण भी इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं. प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. तय समय में जवाब न देने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है. यह सख्ती इस बात का संकेत है कि सरकार इस पूरी प्रक्रिया को समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए गंभीर है.

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