मुंबई : गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह ने अंतरराष्ट्रीय विकलांगजन दिवस के उपलक्ष्य में अपने पहले सहायक प्रौद्योगिकी सम्मेलन 2025 (असिस्टिव टेक कॉन्फ्रेंस) की मेजबानी की। यह सम्मेलन प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्यस्थल पर सुगमता और समावेश को बदलने के नए विचारों और साझेदारियों के लिए एक सहयोगी मंच बना।
सम्मेलन का दर्शन
परमेश शाहनी, प्रमुख, गोदरेज DEI लैब और ‘क्वीरिस्तान’ के लेखक, ने कहा:
“सहायक प्रौद्योगिकी (असिस्टिव टेक्नोलॉजी) केवल उपकरणों का एक सेट नहीं है, बल्कि यह एजेंसी, गरिमा और अवसर का भी मार्ग है। भारत में सुलभ कार्य का भविष्य खुलेपन, कल्पना, और उन प्रणालियों पर पुनर्विचार करने के साहस से आकार लेगा जिन्हें हम हल्के में लेते हैं।”
मुख्य नवाचार और प्रदर्शन
सम्मेलन में समावेशी तकनीक में विशेषज्ञता वाले 12 स्टार्टअप और अन्य कंपनियों ने हिस्सा लिया।
- ऐप लॉन्च: गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने अपना ऐप, ‘ThisAbleMe Echo’ लॉन्च किया। यह शुरुआती चरणों में कर्मचारियों के लिए आंतरिक रूप से उपलब्ध होगा और सांकेतिक भाषा तथा बातचीत के सारांश के माध्यम से संचार को सक्षम बनाता है।
- आंतरिक नवाचार: गोदरेज की आईटी टीम, गोदरेज AI लैब, गोदरेज गुड एंड ग्रीन ने AI-सक्षम संचार उपकरणों, समावेशी डिजिटल इंटरफेस और दृष्टिबाधित छात्रों के लिए स्पर्श सीखने के साधनों तक आंतरिक नवाचारों का प्रदर्शन किया।
- टूलकिट का शुभारंभ: कंपनियों को अपने संचालन को और अधिक समावेशी बनाने में सहायता करने के लिए गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और एटिपिकल एडवांटेज द्वारा ‘एम्प्लॉयएबिलिटी टूलकिट’ का शुभारंभ किया गया।
शिखर सम्मेलन और पैनल चर्चा
- विनिर्माण में रोजगारयोग्यता शिखर सम्मेलन: विनिर्माण और एफएमसीजी सेक्टर्स से जुड़े दिग्गजों ने चर्चा की कि कैसे समावेशी बुनियादी ढांचे, नए कौशल विकास के मार्गों और प्रगतिशील नेतृत्व के माध्यम से कारखानों को अधिक सुलभ और अवसर-समृद्ध वातावरण में बदला जा रहा है।
- पैनल चर्चा (‘इंडियाज एक्सेसिबल फ्यूचर्स’): इस चर्चा में न्यूरोक्वीर मानवविज्ञानी पारस अरोड़ा और पैरा-बैडमिंटन चैंपियन मानसी जोशी सहित कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
- चर्चा का विषय: असिस्टिव तकनीक, डिज़ाइन थिंकिंग और उपयोगकर्ता-प्रेरित नवाचार, सुगमता को नए रूप में परिभाषित करते हुए कार्यबल की भागीदारी का विस्तार कर रहे हैं।
- आवश्यकता पर जोर: असिस्टिव टेक को मुख्यधारा में लाने के लिए अधिक किफ़ायती समाधान, सहयोग और नीति समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप एक अधिक समावेशी कार्यबल के निर्माण की दिशा में प्रयासरत है, जहां सुगमता नवाचार, उत्पादकता और कॉरपोरेट भारत में विकास का केंद्रीय तत्व हो।


