श्योपुर/ धीरज बालोठिया/ खबर डिजिटल/ जिले में पराली प्रबंधन के लिए जरूरी एसएमएस के बिना चल रही हार्वेस्टर मशीनों पर कलेक्टर अर्पित वर्मा की कार्रवाई ने बड़ा राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया। प्रशासन ने चार हार्वेस्टर जब्त कर बड़ौदा थाने में खड़ी करवा दी गई। जिसके विरोध में कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के नेतृत्व में किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार सुबह से ही थाने का घेराव किया था। दिनभर चले धरने, नारेबाजी और चक्काजाम के बाद शाम को प्रशासन को झुकना पड़ा और सभी हार्वेस्टर को बिना शर्त छोड़ना पड़ा।
पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय आए आगे
शशांक भूषण और पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय ने भी कलेक्टर से मुलाकात कर किसानों के प्रति नरम रुख अपनाने की अपील की। एसडीएम गगन मीणा ने कहा कि कार्रवाई का मुख्य कारण मशीनों में परिवहन संबंधी दस्तावेजों की कमी थी। एसएमएस के लिए तो सिर्फ समझाइश दी गई थी। हालांकि दिनभर के हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम को प्रशासन ने सभी हार्वेस्टर मशीनों को छोड़ दिया। वहीं हार्वेस्टर मालिकों का एक वीडियो भी आया, जिसमें उन्होंने कहा कि आरटीओ ने दस्तावेजों की जांच के बाद हमें छोड़ दिया। धरना देने वालों से हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
विधायक ने खोया आपा, बोले-इनके जूता देओ… फिर दी गाली
धरना प्रदर्शन के दौरान मौजूद कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शासन-प्रशासन को जमकर आड़े हाथों लिया, लेकिन इस दौरान उन्होंने एक बार तो अपना आपा भी खो दिया और सत्तापक्ष के नेताओं को गाली तक दे दी। प्रदर्शनकारियों के बीच बोलते हुए विधायक जंडेल ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि चोरी करके करोड़पति बन रहे हैं, दो कौड़ी के आदमी 5-5 करोड़ की कोठी बनाकर बैठे हैं, आज हमको ज्ञान दे रहे हैं वो भी किसानों को। इस दौरान अपशब्दों का उपयोग करते हुए जूता मारने की बात कह डाली। यही नहीं जंडेल ने कहा कि प्रशासन को पराली का प्रदूषण तो दिख रहा लेकिन श्योपुर में ईंट भट्टे चल रहे उनका प्रदूषण नहीं दिखता। जंडेल ने तो एसडीएम गगन मीणा से यहां तक कह दिया कि ये आपकी नौकरी हमें दो और आप हमारी जगह खेती करो, तब पता चलेगा कि खेती कैसे होती है। जंडेल ने कहा कि मैं पहले किसान हूं, विधायक बाद में हूं।
यह है पूरा विवाद
यह पूरा विवाद बुधवार रात तब शुरू हुआ, जब कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बड़ौदा क्षेत्र के दौरे के दौरान बिना एसएमएस सिस्टम के हार्वेस्टर मशीनों को जब्त करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के विरोध में गुरुवार सुबह 9 बजे विधायक बाबू जंडेल समर्थकों के साथ बड़ौदा थाने पर धरने पर बैठ गए। कांग्रेसियों का आरोप था कि प्रशासन भाजपा नेताओं के इशारे पर किसानों को बेवजह परेशान कर रहा है। दरअसल इन हार्वेस्टर मशीनों को इसलिए पकड़ा गया था कि उनमें एसएमएस सिस्टम नहीं लगा था। जबकि जिले में इस तरह का कोई आदेश भी लागू नहीं है। मामले के तूल पकड़ा तो प्रशासन ने दलील दी कि दस्तावेजों की कमी के चलते आरटीओ ने कार्रवाई की थी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने थाने के सामने सांकेतिक रूप से पराली भी जलाई। विदित हो कि पराली जलाने में पिछले साल श्योपुर देशभर में पहले स्थान पर था। इसीलिए इस साल इसमें कमी लाने प्रशासन गत दो माह से प्रयासरत है।


