डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ तहसील शहपुरा अंतर्गत आने वाले बिलबढ़ा बांध की नहरें क्षतिग्रस्त होने से ग्राम पडरिया खुर्द के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। नहरों के टूटे किनारों, बहाव चौड़ी दरारों और अवरुद्ध मार्गों के चलते खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे रबी सीजन की फसलें सूखने की कगार पर हैं।
किसानों ने दी जानकारी
किसानों ने बताया कि शासन द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण तो किया गया, लेकिन नहरों की खराब स्थिति ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। कई जगह नहरों में लीकेज, टूटी दीवारें और पानी बहकर बर्बाद होने जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं।
घटिया सामग्री का उपयोग – स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसकी वजह से थोड़ी बारिश में ही नहरें जगह–जगह से टूट गईं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
एसडीओ ने दिया स्पष्टीकरण
एसडीओ जल संसाधन विभाग कुरण प्रताप सिंह के अनुसार “अभी दो दिन पहले ही डैम से पानी छोड़ा गया है। चार–पांच दिनों में नहरों की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचा दिया जाएगा।”
योजना पर ध्यान नहीं देने का आरोप
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते इस योजना पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी और फसलों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल नहरों की मरम्मत कर पानी आपूर्ति सुचारू करने की मांग की है।
