शैलेश नामदेव, खबर डिजिटल, डिंडौरी। जिले की सरकारी शिक्षण व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने चौरा माल स्थित प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया। इस सरप्राइज विजिट के दौरान शिक्षा व्यवस्था की कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं, जहां एक ओर लंबे समय से गायब चल रहा शिक्षक नदारद मिला, तो वहीं दूसरी ओर कलेक्टर ने खुद बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई और मिड-डे मील की गुणवत्ता को परखा।
नदारद मिले मास्टर साहब, गिरेगी गाज
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों द्वारा काफी समय से प्राथमिक शाला के शिक्षक कमल सिंह मरावी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और स्कूल से अनुपस्थित रहने की शिकायतें मिल रही थीं। जब कलेक्टर ने औचक दबिश दी, तो यह शिकायतें सच साबित हुईं और संबंधित शिक्षक मौके से नदारद मिला। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तुरंत अधिकारियों को तलब किया और अनुपस्थित शिक्षक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए।

बच्चों के बीच बैठकर खुद बनीं मास्टरनी
अक्सर प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर केवल कार्यालयों में रजिस्टर की जांच करते हैं, लेकिन इस निरीक्षण का नजारा बिल्कुल अलग था। कलेक्टर मैडम सीधे कक्षाओं के अंदर गईं और बच्चों के साथ नीचे दरी पर बैठ गईं। उन्होंने दोस्ताना माहौल में बच्चों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल किए, बच्चों की गणित की क्षमताओं को परखा और उन्हें गणित के सवाल भी समझाए। बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए, जिससे जमीनी स्तर पर पढ़ाई के स्तर का सही आकलन हुआ।
मध्यान्ह भोजन की जांच और स्वाद का परीक्षण
केवल पठन-पाठन ही नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) की भी सूक्ष्मता से पड़ताल की गई। कलेक्टर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता को देखा, बच्चों की थालियों की जांच की और भोजन का स्वाद चखकर उसकी परख की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि बच्चों को तय मेनू के अनुसार ही पौष्टिक, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता का भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, स्कूल परिसर में साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर भी विशेष बल दिया गया।
बड़े अधिकारियों का दल रहा मौजूद
कलेक्टर के इस ताबड़तोड़ और औचक निरीक्षण के दौरान उनके साथ जिला पंचायत के सीईओ दिव्यांशु चौधरी, डिंडौरी के एसडीएम रामबाबू देवांगन सहित अन्य प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस औचक कार्रवाई से पूरे जिले के शिक्षा विभाग और लापरवाह शिक्षकों में भारी हड़कंप मच गया है।
