सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ नेशनल हाईवे क्रमांक 39 अंतर्गत सोनवर्षा से अमरवाह पहुँच मार्ग की जर्जर हालत अब आमजन के लिए गंभीर खतरे का कारण बनती जा रही है। वर्षों बीत जाने के बावजूद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर न तो समुचित मरम्मतीकरण कराया गया है और न ही सड़क के किनारे फैली झाड़ियों की सफाई अथवा पटरी निर्माण का कार्य किया गया है। नतीजतन यह मार्ग आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं का गवाह बन रहा है।
वाहन चालकों के लिए जोखिम
स्थानीय नागरिकों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी हुई डामर की परत और असमतल सतह के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर दोपहिया वाहन चालक एवं साइकिल सवार इस मार्ग पर सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं। बारिश के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है।
मार्ग के दोनों तरफ उगी झाड़ियां
मार्ग के दोनों ओर वर्षों से उगी झाड़ियां सड़क तक फैल चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित हो रही है। मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन अचानक नजर आते हैं, जिससे आमने-सामने की टक्कर की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा सड़क किनारे पटरी न होने से वाहन फिसलकर सीधे गड्ढों या खेतों में जा गिरते हैं।
रात में स्थिति भयावह
रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इस मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, चेतावनी बोर्ड एवं रिफ्लेक्टर नहीं लगाए गए हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच असुरक्षित सड़क संरचना किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। स्कूली बच्चे, ग्रामीण, किसान एवं दैनिक यात्री लगातार जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों ने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि शीघ्र सड़क का मरम्मतीकरण कराया जाए, किनारे की झाड़ियों की कटाई हो, पक्की पटरी का निर्माण किया जाए तथा आवश्यक यातायात संकेतक लगाए जाएं।यदि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया तो सोनवर्षा–अमरवाह मार्ग किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित विभाग की होगी।


