बैतूल/सचिन जैन/खबर डिजिटल/ आदिवासी संगठन जयस ने बैतूल जिले में प्रस्तावित पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज निर्माण का कड़ा विरोध करते हुए इसे पूर्ण रूप से सरकारी मोड में बनाने की मांग की है। जयस युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि बैतूल में अनुसूचित जनजाति की आबादी अधिक है और आर्थिक, शैक्षिक, भाषा व स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के कारण आदिवासी छात्र पहले से ही संघर्ष कर रहे हैं। पीपीपी मोड से मेडिकल शिक्षा महंगी हो जाएगी और गरीब छात्रों की पहुंच बंद हो जाएगी। साथ ही इलाज की लागत बढ़ने से गरीब परिवार स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहेंगे। निजी भागीदारी में मुनाफा प्राथमिकता बन सकता है, सरकारी नियंत्रण कमजोर होगा और स्थानीय भाषा- संस्कृति की अनदेखी हो सकती है।
ज्ञापन में श्रमिकों के अधिकारों की भी मांग की गई, जिसमें समान काम के लिए समान वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और सामाजिक सुरक्षा शामिल है। साथ ही विवेक मरकाम हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी की भी मांग की गई। जयस ने 19, 20 और 21 जनवरी को तीन दिवसीय धरना दिया और कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।


