P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशकटनीकटनी जिला से लगे मैहर के भटूरा में अवैध उत्खनन का खेल,...

कटनी जिला से लगे मैहर के भटूरा में अवैध उत्खनन का खेल, माइनिंग–वन–राजस्व विभाग की चुप्पी पर सवाल

Katniसूत्रों के अनुसार, कटनी जिले की सीमा से लगे मैहर जिले के भटूरा क्षेत्र में अवैध खनिज उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर धरती का सीना छलनी किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि क्षेत्र की खदानें मौत की खाई में तब्दील होती जा रही हैं।सूत्र बताते हैं कि भटूरा और आसपास के इलाकों में बिना अनुमति भारी मशीनों से चूना पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है। खनिज, वन और राजस्व विभाग की कथित उदासीनता या मिलीभगत के चलते खनिज माफियाओं के हौसले बुलंद बताए जा रहे हैं। कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।ग्रामीणों के अनुसार, भटूरा में के.के. गौतम के नाम से दर्ज खदान का संचालन कथित तौर पर कटनी के एक खनिज व्यापारी द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त व्यापारी कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और विपक्ष में होने के बावजूद अवैध खनिज कारोबार जारी है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी इस क्षेत्र में लाइन स्टोन के अवैध परिवहन में लिप्त कई ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया था, लेकिन कार्रवाई के बावजूद गतिविधियां लगातार जारी हैं। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान होने के साथ-साथ स्थानीय पर्यावरण भी गंभीर खतरे में है।सूत्रों के मुताबिक, अवैध खनन में 180 रुपये प्रति टन टीपी का खेल भी चल रहा है। बताया जाता है कि डंपर लोडिंग अवैध खदानों से होती है, जबकि टीपी बंद पड़ी अन्य खदानों से जारी कराई जाती है। इस कथित सिंडिकेट में टीपी दलाल, ट्रांसपोर्टर और खदान संचालक शामिल बताए जा रहे हैं। आरोप यह भी हैं कि माइनिंग इंस्पेक्टर द्वारा मौके पर टीपी की जांच नहीं की जाती।इतना ही नहीं, सूत्रों का दावा है कि मैहर के सीमेंट प्लांट्स में एक ही खदान से प्रतिदिन करीब 2 हजार टन चूना पत्थर भेजा जा रहा है। वहीं अवैध ब्लास्टिंग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री आखिर आ कहां से रही है, जबकि विस्फोटक केवल सीमित मात्रा में और लाइसेंस के आधार पर ही उपलब्ध कराए जाते हैं।स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं इस मामले में संबंधित विभागों और खदान संचालक का पक्ष सामने आना अभी बाकी है

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट