Sheopur Flood Relief Scam : मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सामने आए बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी पूर्व तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावनाएं बढ़ गई है। अब उनके पास सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
2.57 करोड़ की गड़बड़ी
दरसअल, मामला साल 2021 में आई बाढ़ के बाद राहत राशि वितरण में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। जांच में आरोप लगा था कि तत्कालीन तहसीलदार रहते हुए अमिता सिंह तोमर ने कुछ पटवारियों और बिचौलियों के साथ मिलकर 127 फर्जी बैंक खातों में करीब 2.57 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए। बताया जा रहा है कि यह राशि परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में भेजी गई।
ऑडिट में खुलासा, FIR दर्ज
पूरे मामले का खुलासा डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट जांच में हुआ, जिसके बाद बड़ौदा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में 100 से अधिक लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी भी शामिल हैं।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
अमिता सिंह तोमर ने कानूनी राहत के लिए पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन दोनों जगह उनकी याचिका खारिज कर दी गई। 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका और बढ़ गई है।
KBC से सुर्खियों में आई थीं
आपको बता दे कि अमिता सिंह तोमर साल 2011 में कौन बनेगा करोड़ पति में 50 लाख रुपये जीतकर चर्चा में आई थीं। इसके बाद भी वे कई बार विवादों में रहीं, लेकिन अब उनका नाम एक बड़े घोटाले से जुड़ने के बाद वे फिर चर्चा में है।


