तेज सिंह यादव/ खबर डिजिटल/गुना। जिले के राघौगढ़ में पुलिस कर्मियों द्वारा एक युवक की बेरहमी से पिटाई का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में राघौगढ़ थाने पहुंचकर घेराव किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, राघौगढ़ थाने के कुछ आरक्षकों पर एक युवक के साथ अमानवीय और हिंसक मारपीट करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पुलिस की पिटाई इतनी खतरनाक थी कि युवक की हालत बिगड़ गई और उसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। युवक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

जनता का फूटा गुस्सा और थाने का घेराव
जैसे ही पुलिस की इस बर्बरता की खबर क्षेत्र में फैली, लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सैकड़ों की तादाद में नागरिक थाने जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो न्याय की उम्मीद किससे की जाए? भीड़ ने दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड करने और उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग पर जोर दिया।

भाजपा नेता हीरेंद्र सिंह बंटी बना ने संभाला मोर्चा
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भाजपा नेता हीरेंद्र सिंह बंटी बना भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष का समर्थन करते हुए पुलिस के उच्च अधिकारियों से चर्चा की। जन आक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों पर 2 तारीख तक कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार है।



