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30 फीट से गिरा मजदूर, परिजनों को देर से सूचना, जिला अस्पताल में फूटा गुस्सा
खबर डिजिटल कटनी कटनी— माधवनगर थाना क्षेत्र के निवार चौकी स्थित गुदरी बंडा में संचालित एवीएस फैक्ट्री एक बार फिर सवालों के घेरे में है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी ने एक श्रमिक की जान ले ली, जबकि हादसे के बाद पूरे मामले को दबाने की कोशिश के गंभीर आरोप सामने आए हैं।रविवार दोपहर फैक्ट्री में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत उदय शंकर मौर्य (46), निवासी हरदुआ स्टेशन के पास, केबिल बांधने के दौरान करीब 30 फीट ऊंचाई से गिर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं थे, जिससे यह हादसा हुआ।हादसे के बाद “मैनेजमेंट मोड” ऑन?सबसे गंभीर सवाल यह है कि हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने क्या किया?आरोप है कि घायल श्रमिक को सीधे जिला अस्पताल ले जाने के बजाय पहले दो निजी अस्पतालों में घुमाया गया, ताकि मामला सार्वजनिक न हो सके। हालत बिगड़ने पर ही उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।मौत के बाद दी सूचना, भड़के परिजनमृतक के परिजनों का आरोप है कि उन्हें हादसे की जानकारी समय पर नहीं दी गई। भतीजे अंकित मौर्य के अनुसार, जब तक वे अस्पताल पहुंचे, तब तक उदय शंकर की मौत हो चुकी थी। इस बात को लेकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और जिला अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।जिला अस्पताल बना रणक्षेत्रदेर रात तक जिला अस्पताल में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। परिजनों और फैक्ट्री स्टाफ के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ती देख कोतवाली पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद हालात काबू में आए।सुपरवाइजर हिरासत में, कई सवाल बाकीपुलिस ने फैक्ट्री के सुपरवाइजर प्रमोद पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि—क्या फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था?हादसे के बाद जानकारी क्यों छुपाई गई?जिम्मेदारों पर कब और क्या कार्रवाई होगी?प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाललगातार सामने आ रही औद्योगिक लापरवाही की घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। अगर समय रहते सख्ती होती, तो शायद एक परिवार का सहारा यूं न छिनता


