डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले से धर्म परिवर्तन Religious Conversion को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आपको बता दें कि 28 मार्च को “खबर डिजिटल” ने ग्राम देवारी में सालों से हो रहें धर्मांतरण पर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बजाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला तांतर गांव, पंचायत चाड़ा निवासी राकेश कुमार बोरकर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। राकेश ने आरोप लगाया है कि महज कुछ रुपये के बदले उन पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया है। और उनकी नाजायज़ बातें नहीं मानने पर परिवार को धमकाया गया।
800 में ईमान का सौदा?
पीड़ित राकेश कुमार बोरकर के अनुसार उनकी पत्नी लंबे समय से बीमार है। इसी के चलते गांव के निवासी बाहमन सिंह मांडले से उनकी मुलाकात हुई। पीडित का आरोप है कि बाहमन सिंह ने पत्नी के उपचार के लिए लगभग 800 रुपये की आर्थिक मदद की और कहा कि यदि वे ईसाई धर्म स्वीकार कर लेते हैं तो उन्हें लगातार आर्थिक मदद दी जाएगी। और पत्नी का अच्छी तरह से इलाज भी कराया जाएगा।
राकेश ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वह करीब दो से तीन महीने तक तांतर चर्च में होने वाली प्रार्थना सभाओं में शामिल होता रहा। बाद में अपनी इच्छा से उसने चर्च जाना बंद कर दिया।

ईसाई धर्म नहीं अपनाया तो गांव में रहना किया मुश्किल
शिकायत में बताया गया है कि मैंने चर्च जाना बंद कर दिया। इसके बाद बाहमन सिंह मांडले और उनके परिवार द्वारा मेरे पर दबाव बनाया जाने लगा। राकेश का आरोप है कि उन्हें धमकी दी गई कि यदि उन्होंने ईसाई धर्म नहीं अपनाया तो गांव में रहना मुश्किल कर दिया जाएगा।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह विवाद और बढ़ गया। राकेश के अनुसार बाहमन सिंह की पत्नी ने उनके घर पर पत्थर फेंके, जिससे परिवार डर गया है। राकेश का कहना है कि उसे और उसके परिवार को जान का खतरा है। पीडित ने तांतर चर्च के पास्टर की भी भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
थाने धर्म परिवर्तन की जानकारी दी, लेकिन नहीं हो रही कार्रवाई
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले बजाग थाने में घटना की जानकारी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बढ़ते गए। मजबूरन परिवार ने सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
राकेश बोरकर ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उसका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार के साथ कोई बड़ी घटना हो सकती है।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। तांतर बैगा बाहुल्य गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द जांच करनी चाहिए ताकि इस तरह की किसी और के साथ न हो।

उग्र आंदोलन की चेतावनी…
वहीं हिंदू संगठन के सदस्यों ने इस मामले पर नाराजगी जताई है। संगठनों ने कहा कि यदि प्रशासन धर्मांतरण में लिप्त लोगों पर कार्रवाई नहीं करता है। तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
मध्य प्रदेश में ‘धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2021’ लागू है। डिंडोरी जिले में धर्म परिवर्तन को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू होने की बात कही जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
