Monday, November 2, 2026
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MP BJP Kisan Morcha: भाजपा में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, किसान मोर्चा अध्यक्ष पद को लेकर घमासान, किसका नाम फाइनल

इंदौर भाजपा में किसान मोर्चा नगर अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर अंदरूनी हलचल तेज हो गई है. यह मामला अब केवल एक संगठनात्मक पद तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भविष्य की राजनीतिक रणनीति और प्रभाव बढ़ाने से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट अपनी पसंद के चेहरे को आगे लाने में जुटे हुए हैं, जिसके कारण नियुक्ति को लेकर खींचतान खुलकर सामने आने लगी है.सूत्रों के अनुसार किसान मोर्चा का प्रदेश नेतृत्व अपने करीबी और भरोसेमंद चेहरे को जिम्मेदारी देने के पक्ष में दिखाई दे रहा है. वहीं इंदौर के कुछ प्रभावशाली विधायक और स्थानीय नेता किसी दूसरे नाम पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी वजह से संगठन के भीतर लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर चल रहा है.

स्थानीय नेताओं ने क्या कहा

स्थानीय नेताओं का मानना है कि लंबे समय से संगठन में सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उनका कहना है कि ऐसे लोगों ने पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है और अब उन्हें मौका दिया जाना जरूरी है. इस बीच एक ऐसे वरिष्ठ पदाधिकारी का नाम भी चर्चा में है जो पहले तीन बार संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. अनुभव और संगठन पर पकड़ के कारण उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है.

नियुक्ति को लेकर मुद्दा तेज

नियुक्ति को लेकर एक और मुद्दा तेजी से उठ रहा है, वह है किसान प्रतिनिधित्व. विरोधी गुट सवाल उठा रहा है कि यदि किसान पृष्ठभूमि को सबसे अहम मानदंड माना जा रहा है तो यह नियम पहले की नियुक्तियों में क्यों लागू नहीं किया गया. इसी बहस के बीच एक तीसरा नाम भी सामने आया है, जिसे सामाजिक संतुलन और स्थानीय प्रभाव के हिसाब से मजबूत विकल्प माना जा रहा है.

राजनीतिक और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर फैसला

अब पार्टी के भीतर सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि संगठन अनुभव को प्राथमिकता देगा या फिर राजनीतिक और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर फैसला करेगा. फिलहाल इंदौर भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें किसान मोर्चा नगर अध्यक्ष की घोषणा पर टिकी हुई हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि इस फैसले का असर आने वाले संगठनात्मक समीकरणों और राजनीतिक रणनीति पर भी पड़ सकता है.

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