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Friday, April 17, 2026
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इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, जानें हैरान कर देने वाली कहानी

चीन की परंपराओं और लोक मान्यताओं में कई ऐसी बातें हैं, जो सुनने में अजीब लगती हैं, लेकिन उनके पीछे गहरी कहानियां और मान्यताएं जुड़ी होती हैं. ऐसी ही एक अनोखी परंपरा से जुड़ी कहानी एक “टॉयलेट देवी” की है, जिन्हें वहां के लोग विशेष मौके पर पूजते हैं. यह परंपरा सुनने में भले ही हैरान कर दे, लेकिन चीन के कुछ हिस्सों में इसे सदियों से निभाया जा रहा है. इस देवी को ज़िगू के नाम से जाना जाता है, जिन्हें शौचालय से जुड़ी देवी माना जाता है. मान्यता है कि वह कोई साधारण देवी नहीं बल्कि एक ऐसी महिला की आत्मा थीं, जिनके साथ अन्याय हुआ था. कहानी के अनुसार वह एक व्यक्ति की रखैल थीं और घर की पहली पत्नी उनसे ईर्ष्या करती थी. इसी जलन के कारण उनकी हत्या कर दी गई, और वह भी शौचालय के अंदर. बाद में देवताओं ने उनके साथ हुए अन्याय को देखकर उन्हें देवी का दर्जा दे दिया.

टॉयलेट सीट की होती है पूजा

समय के साथ यह मान्यता एक परंपरा में बदल गई. लोग खासतौर पर चीनी नववर्ष के बाद आने वाले लालटेन उत्सव के दौरान इस देवी की पूजा करते हैं. इस दिन लोग घास या पुआल से देवी का प्रतीक बनाते हैं और उसे शौचालय या उसके आसपास स्थापित करते हैं. इसके बाद पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं, जिनमें लोग आने वाले समय के बारे में संकेत या भविष्य जानने की कोशिश भी करते हैं. इस परंपरा की एक खास बात यह भी है कि इसे खासतौर पर महिलाएं निभाती थीं. पुराने समय में महिलाएं रात के समय देवी को बुलाने के लिए विशेष तरीके अपनाती थीं. वे एक तरह की मूर्ति या पुतला बनाकर उससे सवाल पूछती थीं और उसकी हरकतों के जरिए संकेत समझने की कोशिश करती थीं. ऐसा माना जाता था कि देवी उनकी बात सुनती हैं और जवाब देती हैं.

यह परंपरा सिर्फ अंधविश्वास नहीं बल्कि उस समय की सामाजिक स्थिति को भी दिखाती है. कई लोग इसे महिलाओं के साथ हुए अन्याय की कहानी के रूप में भी देखते हैं. ज़िगू की कथा इस बात का प्रतीक मानी जाती है कि कैसे एक पीड़ित महिला को बाद में सम्मान और शक्ति का प्रतीक बना दिया गया. हालांकि आधुनिक समय में इस तरह की मान्यताओं को कई लोग अजीब मानते हैं, लेकिन चीन के कुछ क्षेत्रों में यह आज भी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है. लोग इसे आस्था और परंपरा के रूप में निभाते हैं, न कि केवल एक अंधविश्वास के तौर पर. कुल मिलाकर यह कहानी दिखाती है कि दुनिया भर में अलग अलग संस्कृतियों में देवी देवताओं को लेकर कितनी विविध मान्यताएं हैं. जहां कुछ बातें हमें सामान्य लगती हैं, वहीं कुछ परंपराएं हैरान कर देती हैं. लेकिन हर परंपरा के पीछे एक कहानी और इतिहास जरूर छिपा होता है, जो उसे खास बनाता है.

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