सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी — 29 मई 2026कटनी जिले में जल संकट के बीच प्रशासन ने अवैध बोरिंग माफियाओं पर बड़ा शिकंजा कस दिया है। रीठी थाना क्षेत्र में देर रात चल रहे प्रतिबंधित नलकूप उत्खनन का पर्दाफाश करते हुए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में दो भारी मशीनें जब्त कर लीं और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।जिले को पहले ही “पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र” घोषित किया जा चुका है, इसके बावजूद खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाकर बोरिंग का खेल जारी था। अब प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है — “जल संकट के समय नियम तोड़ोगे तो सीधा जेल जाओगे!”रात 11:30 बजे तहसीलदार की दबिश, मौके पर पकड़ी गई बोरिंग मशीनेंमंगलवार रात तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया को सूचना मिली कि ग्राम पटौहा की खसरा नंबर 615 की भूमि पर अवैध रूप से बोरिंग की जा रही है। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और देखा कि भारी मशीनों से धड़ल्ले से नलकूप खनन चल रहा था।मौके से बोरिंग मशीन MP-19-HA-4519 और कम्प्रेशन मशीन MP-31-GA-0165 जब्त की गईं। प्रशासन ने तत्काल खुदाई रुकवाई और दोनों वाहनों को रीठी थाना पहुंचा दिया।“कागज दिखाओ!” — नहीं दिखा सके अनुमति पत्रजब प्रशासनिक अधिकारियों ने मशीन चालकों से वैध अनुमति और दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। पूछताछ में आरोपियों की पहचान प्रमोद कोल और अनरथ सिंह लोधी के रूप में हुई, जबकि मशीनों का मालिक ब्रह्मदत्त पटेल बताया गया।वाहन मालिक की सफाई पर प्रशासन सख्तवाहन मालिक ने दावा किया कि मशीनें सिर्फ खाना खाने के लिए वहां खड़ी थीं और कोई खुदाई नहीं हो रही थी। लेकिन तहसीलदार की जांच रिपोर्ट और पंचनामे में मशीनों को मौके पर खुदाई करते हुए पाया गया।एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी ने इस सफाई को पूरी तरह खारिज कर दिया और साफ कहा कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अब होगी कानूनी कार्रवाईएसडीएम के निर्देश पर रीठी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223(b) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।प्रशासन का अल्टीमेटमकटनी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जिले में 30 जून 2026 तक बिना अनुमति कोई भी नया नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। आदेश तोड़ने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।“जल बचाना है तो नियम मानना होगा!”कटनी में अब बोर माफियाओं की खैर नहीं
