डेस्क। देश में नकली नोटों को लेकर चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में बैंकिंग सिस्टम के भीतर 2.29 लाख से ज्यादा नकली नोट पकड़े गए। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह संख्या करीब 5.7% बढ़ी है।
₹500 के नोट सबसे ज्यादा निशाने पर
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक नकली नोट ₹500 के मिले हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 1,41,907 नकली ₹500 नोट पकड़े गए, जो पिछले साल की तुलना में 20.5% ज्यादा हैं। बैंकिंग सिस्टम में पकड़े गए कुल नकली नोटों में ₹500 की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।
₹500 नोटों का बढ़ा दबदबा
RBI के अनुसार मार्च 2026 तक देश में ₹500 के नोटों की संख्या 11.2% बढ़कर 7,05,482 लाख तक पहुंच गई। मूल्य के आधार पर कुल चलन में मौजूद मुद्रा में ₹500 नोटों की हिस्सेदारी 86% से ज्यादा रही, जबकि संख्या के हिसाब से इनकी हिस्सेदारी 41.2% रही . ₹2000 नोटों के प्रचलन से हटने का असर नकली नोटों पर भी दिखाई दिया। मार्च 2026 तक ₹2000 के करीब 98.45% नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस लौट चुके थे। इसके चलते इस मूल्य वर्ग में नकली नोटों के मामले भी काफी कम हुए हैं।
नोट छपाई का खर्च घटा
RBI ने बताया कि नोटों की छपाई पर होने वाला खर्च भी कम हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह खर्च घटकर ₹4,875 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले यह ₹6,372 करोड़ से अधिक था। कम मांग के कारण उच्च मूल्य वाले नोटों की छपाई में कमी देखी गई है।
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