खबर डिजिटल संवाददाता कटनी– हर मंगलवार को आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय में आयोजित होने वाली जनसुनवाई इस बार सवालों के घेरे में आ गई। 9 जून 2026 को आयोजित जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे आवेदकों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी नदारद रहे और पूरी व्यवस्था महज दो अधिकारियों के भरोसे संचालित होती रही।जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे करीब 190 आवेदकों ने आवेदन प्रस्तुत किए, लेकिन फरियादियों का कहना है कि जब अधिकांश विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद ही नहीं थे तो आखिर उनकी समस्याओं का समाधान कैसे होगा? लोगों ने सवाल उठाया कि क्या जनसुनवाई सिर्फ खानापूर्ति बनकर रह गई है?आवेदकों का आरोप है कि शासन की मंशा जनता को राहत देने की है, लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनसुनवाई का उद्देश्य ही समाप्त होता नजर आ रहा है। दो अधिकारियों द्वारा 190 आवेदनों की सुनवाई किए जाने पर भी लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि बिना संबंधित विभागों की उपस्थिति के समस्याओं का न तो मौके पर निराकरण संभव है और न ही संतोषजनक जवाब मिल पाता है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनता अपनी उम्मीदों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचती है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है? यदि जनसुनवाई में ही अधिकारी नदारद रहेंगे, तो फिर आम नागरिक न्याय और समाधान की उम्मीद आखिर किससे करे?अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित अधिकारियों से जवाब-तलब करता है या फिर हर मंगलवार की जनसुनवाई यूं ही औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट mo. 9131308097
