लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 28 में से 27 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। वहीं, प्रस्ताव संख्या-15, जो मदरसा ग्रेच्युटी से जुड़ा था, उसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग से जुड़े प्रस्ताव संख्या 6 और 7 को भी मंजूरी मिल गई है।
स्टार्टअप मिशन डायरेक्टरेट की होगी स्थापना
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप मिशन डायरेक्टरेट की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में स्टार्टअप, नवाचार, निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देना है। नई संस्था सोसायटी पंजीकरण के तहत काम करेगी और स्टार्टअप्स को बेहतर मार्गदर्शन, सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी।
अब अलग संस्था करेगी स्टार्टअप का संचालन
अब तक प्रदेश में स्टार्टअप से जुड़े कार्य यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPLC) के माध्यम से संचालित किए जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्टार्टअप मिशन के लिए अलग से स्वतंत्र संस्था बनाई जाएगी। इस संस्था का अपना मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), अलग प्रशासनिक ढांचा और स्वतंत्र इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे स्टार्टअप्स को तेज और बेहतर सहयोग मिल सकेगा।
निवेश और रोजगार बढ़ाने पर सरकार का फोकस
सरकार का मानना है कि स्टार्टअप मिशन डायरेक्टरेट बनने से उत्तर प्रदेश में निवेश आकर्षित होगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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