अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और पश्चिम एशिया में जारी हालात ने तेल बाजार को प्रभावित किया है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा युद्धविराम की स्थिति कमजोर पड़ने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है. इसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
सोमवार 20 जुलाई को बाजार खुलते ही ब्रेंट क्रूड में तेज बढ़त दर्ज की गई. इसकी कीमत 2.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 90.54 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. वहीं दूसरे प्रमुख कच्चे तेल सूचकांक में भी करीब 2.34 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और इसका भाव 83.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
सप्लाई पर संकट की आशंका से बाजार में बढ़ी बेचैनी
तेल बाजार में तेजी की एक वजह कुवैत से सामने आई रिपोर्ट भी मानी जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार ईरान के हालिया हमले में बिजली ग्रिड और समुद्री पानी को मीठा बनाने वाले बड़े डिसैलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचा है. इससे क्षेत्र में ऊर्जा और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है.
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में होने वाला हर बड़ा बदलाव घरेलू ईंधन बाजार पर भी असर डाल सकता है.
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम
सरकारी तेल कंपनियों ने 20 जुलाई के लिए नई ईंधन दरें जारी कर दी हैं. प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार हैं.
- हैदराबाद – ₹115.73 प्रति लीटर
- कोलकाता – ₹113.51 प्रति लीटर
- मुंबई – ₹111.21 प्रति लीटर
- बेंगलुरु – ₹110.89 प्रति लीटर
- चेन्नई – ₹108.01 प्रति लीटर
- दिल्ली – ₹102.12 प्रति लीटर
डीजल के नए रेट भी जारी
डीजल की कीमतों में भी शहरों के अनुसार अंतर देखने को मिला. ताजा दरें इस प्रकार हैं.
- हैदराबाद – ₹103.82 प्रति लीटर
- कोलकाता – ₹99.82 प्रति लीटर
- चेन्नई – ₹99.66 प्रति लीटर
- बेंगलुरु – ₹98.80 प्रति लीटर
- मुंबई – ₹97.83 प्रति लीटर
- दिल्ली – ₹95.20 प्रति लीटर
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में ईंधन बाजार पर इसका असर और बढ़ सकता है. ऐसे में तेल कंपनियों की अगली मूल्य समीक्षा पर सभी की नजर बनी रहेगी.
