भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय है, लेकिन पूरे प्रदेश में एक जैसी बारिश नहीं हो रही है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कई जिलों में सिर्फ हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। कुछ इलाकों में बारिश नहीं होने से उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 20 जुलाई 2026 तक प्रदेश में औसत से 16 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 23 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
50 जिलों में बारिश का अलर्ट, 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 50 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। दमोह, मंडला और डिंडौरी जिलों में कहीं-कहीं 64.5 से 115.5 मिमी तक भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना है।

मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, फिलहाल पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहीं 21 जुलाई से पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक घट सकता है।
21 से 24 जुलाई तक ऐसा रहेगा मौसम
21 जुलाई (सुबह 8:30 बजे से 22 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक)
मऊगंज, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक हवा चल सकती है।
22 जुलाई (सुबह 8:30 बजे से 23 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक)
श्योपुर, मुरैना, निवाड़ी और सागर जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवा और बिजली चमकने की भी आशंका है।
इन जिलों में रहेगा भारी बारिश का खतरा
23 जुलाई (सुबह 8:30 बजे से 24 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक)
निवाड़ी, सागर, रायसेन और बालाघाट जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
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