भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को हुई कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (PAC) की बैठक में मौजूदा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी गठित करने का फैसला लिया गया। बैठक में संगठन में नियुक्तियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दतिया उपचुनाव की जीत के बाद सक्रिय कार्यकर्ताओं को टीम में शामिल करने पर जोर दिया जाएगा।
मौजूदा कार्यकारिणी को किया जाएगा भंग
PAC की बैठक में प्रदेश कांग्रेस की वर्तमान कार्यकारिणी को समाप्त कर नए सिरे से संगठन तैयार करने पर सहमति बनी। बैठक में यह बात भी सामने आई कि जिन नेताओं से संगठन में शामिल करने के लिए नाम मांगे जाएं, उनके नामों पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। पार्टी नेताओं का मानना है कि नई कार्यकारिणी में उन वरिष्ठ नेताओं को भी जगह मिलनी चाहिए, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं मिल सकी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का बड़ा संकेत
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने बैठक के बाद संगठन में असंतोष से जुड़े मुद्दों की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश और जिला स्तर पर कई नेताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई ऐसे नेता हैं, जिन्हें उनकी क्षमता और वरिष्ठता के अनुरूप जिम्मेदारी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि संगठन में काम करने वाले वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को नई कार्यकारिणी में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए।
छोटी होगी नई प्रदेश कार्यकारिणी
मध्यप्रदेश कांग्रेस की मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी में करीब 328 पदाधिकारी हैं। पार्टी अब अपेक्षाकृत छोटी और प्रभावी कार्यकारिणी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। नई व्यवस्था में पदाधिकारियों की संख्या कम करने के साथ जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किए जाने की संभावना है। कांग्रेस का फोकस ऐसा संगठन तैयार करने पर है, जो चुनावी स्तर पर ज्यादा सक्रिय और जवाबदेह हो।
जिला स्तर पर नियुक्तियों पर भी उठे सवाल
बैठक में केवल प्रदेश कार्यकारिणी ही नहीं, बल्कि जिलों में हुई नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा हुई। नेताओं ने संगठन में जिम्मेदारियां बांटने के तरीके और कुछ नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए। पार्टी के भीतर इस बात पर जोर दिया गया कि आगामी राजनीतिक और चुनावी चुनौतियों को देखते हुए प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए।
बैठक में दिग्गज नेता रहे मौजूद
PAC की बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह वर्चुअल माध्यम से, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
कांग्रेस में बदलाव के मायने
मध्यप्रदेश कांग्रेस में यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब पार्टी आगामी चुनावों की तैयारियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दे रही है। मौजूदा कार्यकारिणी को भंग कर छोटी टीम बनाने का फैसला पार्टी में जवाबदेही, सक्रियता और वरिष्ठ नेताओं के समायोजन की नई रणनीति का संकेत माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नई प्रदेश कार्यकारिणी में किन नेताओं को जगह मिलती है और किन चेहरों को संगठन से बाहर किया जाता है।
