Monday, November 2, 2026
Homeउत्तर प्रदेशUP Election 2027: चिराग पासवान का यूपी में बड़ा प्लान! अखिलेश के...

UP Election 2027: चिराग पासवान का यूपी में बड़ा प्लान! अखिलेश के दलित वोट बैंक में सेंध और ब्राह्मणों को साधने की तैयारी


उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले चिराग पासवान की LJP राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की तैयारी कर रही है. पार्टी का फोकस पूर्वांचल और सेंट्रल यूपी पर है, जहां संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है. दलित वोटों के साथ ब्राह्मण मतदाताओं को जोड़ने के लिए पार्टी ने अलग रणनीति और नया नारा भी तैयार किया है. इसका मकसद यूपी में LJP की पकड़ मजबूत करना है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान ने अपनी राजनीतिक रणनीति पर काम तेज कर दिया है. उनका फोकस सिर्फ दलित वोट बैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि वह योगी सरकार से नाराज बताए जा रहे ब्राह्मण मतदाताओं को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश में हैं. चिराग फिलहाल बीजेपी के सहयोगी हैं और केंद्र की मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय संभाल रहे हैं. हालांकि, बताया जा रहा है कि वह इससे ज्यादा प्रभावशाली मंत्रालय की उम्मीद रखते हैं.

चिराग को यह भी पता है कि केंद्र में अपनी मांग मनवाने के लिए मजबूत राजनीतिक स्थिति जरूरी है. यही वजह है कि अब उनकी नजर उत्तर प्रदेश में LJP का आधार बढ़ाने पर है. अगर पार्टी यूपी में बेहतर प्रदर्शन करती है, तो एनडीए के भीतर चिराग का राजनीतिक कद बढ़ सकता है और भविष्य में उन्हें सहयोगी दल के तौर पर ज्यादा मजबूती से अपनी बात रखने का मौका मिलेगा.

दलित वोटों में सेंध लगाने की तैयारी

चिराग पासवान की रणनीति का एक बड़ा हिस्सा दलित वोटों से जुड़ा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को यूपी के दलित मतदाताओं का अच्छा समर्थन मिला था. इसका सीधा असर बीजेपी के प्रदर्शन पर पड़ा और राज्य में उसकी सीटों की संख्या 2019 के 62 से घटकर 33 रह गई.

LJP अब इसी वोट बैंक में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है. पार्टी पिछले करीब एक साल से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी है. बूथ कमेटियां तैयार की जा रही हैं और खासतौर पर पूर्वांचल और सेंट्रल यूपी पर ध्यान दिया जा रहा है.

पूर्वांचल में संगठन पर जोर

पूर्वांचल में पासी और पासवान समुदाय की अच्छी आबादी को देखते हुए पार्टी यहां ज्यादा सक्रिय है. बताया जा रहा है कि इस इलाके में LJP के पास पहले से 2 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं का नेटवर्क है. अब सेंट्रल यूपी में भी इसी तरह संगठन खड़ा करने की तैयारी चल रही है.

दलित मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग जिलों में दलित चौपाल शुरू की गई हैं. इसके अलावा पार्टी पदयात्राओं की भी तैयारी कर रही है. LJP नेताओं का मानना है कि BSP के कमजोर होने से दलित वोटरों के सामने नए राजनीतिक विकल्प की गुंजाइश बनी है.

ब्राह्मणों को साधने के लिए खास प्लान

चिराग की रणनीति में ब्राह्मण वोट भी अहम है. पार्टी ने यूपी चुनाव के लिए ‘पंडित-पासी-पासवान, धरती गूंजे आसमान’ नारा तैयार किया है. ब्राह्मण समाज को जोड़ने के लिए कई जिलों के मंदिरों में चाणक्य चौपाल भी आयोजित की जा रही हैं.

हालांकि यूपी में LJP का चुनावी रिकॉर्ड बहुत मजबूत नहीं रहा है. पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2002 के विधानसभा चुनाव में रहा था, जब राजा राम पांडेय ने गडवारा सीट से जीत दर्ज की थी.

सम्बंधित ख़बरें

लेटेस्ट