डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी, विकास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लंबे-चौड़े वादे करने वाले दावों के बीच जमीनी हकीकत का सच कुछ और ही है, एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जो प्रशासनिक दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनपद करंजिया क्षेत्र के पंकू टोला में आज भी पक्की सड़क नहीं है। जब गांव की एक बीमार बुजुर्ग महिला को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी, तो कोई गाड़ी गांव तक नहीं पहुंच सकी। आखिरकार बेबस ग्रामीणों को खटिया (चारपाई) का सहारा लेना पड़ा और वे महिला को उसी पर लिटाकर कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए।
तीन दिन तक तड़पती रही बीमार महिला
पंकू टोला की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला कमला बांधव पिछले तीन दिनों से काफी अस्वस्थ थीं। जब घर पर उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो परिजनों ने उन्हें तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाने का फैसला किया। लेकिन गांव की बदहाल सड़कें इलाज की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बन गईं।
गांव तक कोई एंबुलेंस या चार पहिया वाहन पहुंच ही नहीं सकता था।
ऐसे में ग्रामीणों ने सूझबूझ और एकजुटता दिखाते हुए खटिया को ही एंबुलेंस बना दिया और महिला को उठाकर मुख्य मार्ग की ओर निकल पड़े।
दर्द पुराना है: पहले भी अपनों को खो चुके हैं ग्रामीण
पंकू टोला के लोगों का यह दर्द नया नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क न होने की वजह से समय पर इलाज न मिलना इस गांव की पुरानी नियति बन चुका है।
स्थानीय निवासियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कुछ वर्ष पहले भी सही समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण गांव की ही एक महिला ने अपने लगभग 50 वर्षीय पति और 20 वर्षीय जवान बेटे को हमेशा के लिए खो दिया था।
बारिश में और विकराल हो जाते हैं हालात
गांव में रहने वाले आनंद, कृष्णा, मधुरा, पूनम, गंगा, कमला और अन्य लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना जिंदगी और मौत का सौदा बन जाता है। यदि समय रहते मरीज को वाहन तक न पहुंचाया जाए, तो रास्ते में ही उसकी सांसें थमने का खतरा बना रहता है।
अब तो जाग जाए प्रशासन ग्रामीणों की सीधी गुहार
पंकू टोला के लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा? ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि अधिकारी खुद आकर गांव की वास्तविक स्थिति का मुआयना करें और जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराएं, ताकि आगे किसी परिवार को सही समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनों को न खोना पड़े।
