इंदौर/खबर डिजिटल/ इंदौर की सियासत में नगरीय निकाय चुनाव से करीब नौ महीने पहले ही नए समीकरणों की आहट सुनाई देने लगी है। शहर के एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि ने अपने समर्थकों को अलग-अलग वार्डों और विधानसभा क्षेत्रों में सक्रिय करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि उनके करीबी समर्थकों ने कई इलाकों में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं और लगातार लोगों के बीच पहुंच बना रहे हैं।
दमदार रणनीति के तहत
खास बात यह है कि संबंधित जनप्रतिनिधि फिलहाल विधायक नहीं हैं, लेकिन नगरीय निकाय चुनाव में करीब एक दर्जन टिकटों पर अपनी पसंद के उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। इंदौर की स्थानीय राजनीति में उनकी सक्रियता को इसी वजह से काफी अहम माना जा रहा है।
सीधे आलाकमान से संपर्क
दिलचस्प पहलू यह भी है कि यह जनप्रतिनिधि इंदौर भाजपा के किसी खास गुट का हिस्सा नहीं माना जाता। इसके बावजूद सीधे मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री स्तर तक उनकी पहुंच बताई जाती है। यही वजह है कि टिकट वितरण के दौरान उनकी भूमिका को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
नए नवेले विधायक से बैठती है पटरी
इधर, इंदौर के एक पहली बार चुने गए विधायक के साथ भी इन दिनों उनकी नजदीकियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दोनों के बीच बेहतर तालमेल की राजनीतिक चर्चाएं हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि संबंधित विधानसभा क्षेत्र से कम से कम एक टिकट पर इस जनप्रतिनिधि की पसंद को जगह मिल सकती है।
नए राजनीतिक समीकरण की तरफ इशारा
हालांकि चुनाव में अभी करीब नौ महीने का वक्त बाकी है। इस दौरान इंदौर की राजनीति में कई करवटें आना तय माना जा रहा है। नए समीकरण बनेंगे, नए राजनीतिक रिश्ते मजबूत होंगे और कुछ पुराने साथी विरोधी खेमे में भी नजर आ सकते हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टिकट की दौड़ में किसका प्रभाव कितना बढ़ता है और कौन सा राजनीतिक समीकरण बाजी पलट देता है। अब आप ही बताए कमेंट्स में कि ये नेता कौन हो सकता है।
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