Monday, November 2, 2026
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MP Registry: मध्यप्रदेश में 50 लाख लोगों की होगी फ्री रिजिस्ट्री… सीएम डॉ. मोहन यादव का ऐलान

68.47 लाख भूखंडों को किया चिन्हित

भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार दिलाने और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 17 सितंबर से दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। इनमें स्वामित्व अभियान को खास महत्व दिया गया है। इसके तहत प्रदेश के 50 लाख से अधिक पात्र ग्रामीण हितग्राहियों की संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री कर उन्हें अधिकार अभिलेख सौंपे जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति धारकों को उनकी जमीन और भूखंड का मालिकाना हक मजबूत करना है, ताकि वे संपत्ति का उपयोग आर्थिक और सामाजिक रूप से अधिक प्रभावी तरीके से कर सकें।

41,568 गांवों में सर्वे का काम पूरा
स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़े स्तर पर सर्वे कराया गया है। अब तक 41,568 गांवों में 68 लाख 47 हजार भूखंडों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। सर्वे के आधार पर पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने हितग्राहियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े, इसके लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी से छूट का प्रावधान किया है। अभियान को तीन चरणों में संचालित किया जाएगा और इसकी शुरुआत 17 सितंबर से होगी। अभियान का निर्धारित चरण 3 अक्टूबर तक चलेगा।

हर सप्ताह तीन दिन लगेंगे विशेष शिविर
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर प्रत्येक सप्ताह गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को लगाए जाएंगे। प्रशासन ने इन शिविरों के जरिए रोजाना कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्रियां पूरी कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

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कलेक्टरों को अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को अभियान का नेतृत्व स्वयं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिला, जोन और सेक्टर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने को कहा गया है। सरकार का जोर इस बात पर है कि सभी पात्र हितग्राहियों को बिना किसी भेदभाव के तय समय-सीमा में योजना का लाभ मिले। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

ग्राम पंचायत स्तर पर होगा समन्वय
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, पंचायत सचिव, पटवारी और ग्राम रोजगार सहायक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद से विशेष शिविर आयोजित कर पात्र लोगों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराया जा सके, जिससे ग्रामीणों के संपत्ति संबंधी अधिकार अधिक सुरक्षित और स्पष्ट हो सकें।

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