भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश में नौ सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। सितंबर 2026 में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन ने इन संस्थानों के PPP संचालन के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने को लेकर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है।
निजी क्षेत्र में भागीदारी का दावा
प्रस्ताव में नौ ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज-कम-हॉस्पिटल के साथ 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी PPP व्यवस्था के दायरे में शामिल किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन और प्रबंधन के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी की संभावनाओं पर आगे बढ़ना है।
नीमच, सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल
PPP मॉडल के लिए प्रस्तावित संस्थानों में नीमच, सिंगरौली और श्योपुर जैसे नए सरकारी मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। सरकारी दस्तावेजों में इन संस्थानों को सरकारी मेडिकल कॉलेज के तौर पर दर्ज किया गया है। ऐसे में प्रस्तावित PPP व्यवस्था को लेकर सरकारी स्वास्थ्य ढांचे के संचालन और प्रबंधन की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सरकारी जमीन और भवन, निजी भागीदारी के सवाल
प्रस्तावित मॉडल के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी जमीन, मेडिकल कॉलेज की इमारतों और अस्पतालों में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन में निजी भागीदार की भूमिका किस तरह तय की जाएगी। इसके साथ ही मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, शुल्क व्यवस्था, डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की जिम्मेदारियों तथा मेडिकल शिक्षा पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मरीजों और मेडिकल शिक्षा पर क्या होगा असर?
PPP व्यवस्था में मरीजों के लिए इलाज की उपलब्धता, शुल्क और सेवाओं की शर्तें महत्वपूर्ण होंगी। वहीं मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई, प्रशिक्षण और अस्पतालों में मरीजों की संख्या का मेडिकल शिक्षा पर सीधा असर पड़ सकता है। हालांकि, इन सभी पहलुओं पर अंतिम स्थिति सरकार और निजी भागीदार के बीच होने वाले समझौते की शर्तों से स्पष्ट होगी।
ट्रांजैक्शन एडवाइजर की होगी नियुक्ति
फिलहाल सरकार ने ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। PPP मॉडल की अंतिम संरचना, निजी भागीदार की जिम्मेदारियां, शुल्क व्यवस्था, सेवा मानक और सरकारी नियंत्रण से जुड़े प्रावधान आगे की प्रक्रिया में तय किए जाएंगे।
