Monday, November 2, 2026
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MP स्वामित्व योजना: 3 तारीख तक बिना पैसा दिये निजी संपत्तियों का होगा फ्री रजिस्ट्री, जानिए क्या है पूरा प्रासेस

MP स्वामित्व योजना: MP Free Registry गांव में रहने वाले लोगों को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिना पैसा दिये फ्री रजिस्ट्री कराने की बड़ी सौगात दी है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बन गया है। यह प्रासेस तीन चरणों में चलेगा।

MP स्वामित्व योजना MP Svamitva Yojana मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के 41 हजार से ज्यादा गांव में रहने वाले गरीब परिवारों को बिना पैसा दिये फ्री रजिस्ट्री कराने की बड़ी सौगात दी है। इस योजना में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 के अंतर्गत 50 लाख निजी संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री होगी। इसके लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बन गया है। मध्य प्रदेश में अब तक करीब 68 लाख अधिकार पत्र तैयार किए गए हैं, इनमें 50 लाख निजी संपत्तियों के हैं। इन्हीं मकान मालिकों को नि:शुल्क रजिस्ट्री देने के लिए मोहन सरकार करीब 4 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

स्थानीय स्तर पर दिया जाएगा स्वामित्व योजना का लाभ

MP स्वामित्व योजना के अंतर्गत मकान मालिकों की संपत्ति के आधार पर लोन उपलब्ध कराने के लिए तैयार निजी अधिकार अभिलेखों का मुफ्त पंजीयन किया जाएगा। पंजीयन के बाद नागरिक गृह निर्माण, व्यवसाय, कृषि एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए लोन ले सकेगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो इसके लिए यह पूरा प्रासेस तीन चरणों में चलेगा। इसके लिए गांव एवं पंचायत स्तर पर विशेष शिविर कैंप लगाएं जाएंगे। पहला चरण 17 से 19 सितंबर, दूसरा चरण 24 से 26 सितंबर और तीसरा चरण 1 से 3 अक्टूबर तक चलेगा। आवेदन के लिए आबादी भूखंड की लैंड लिंकिंग और समग्र आईडी से ई-केवाईसी अनिवार्य रुप से देनी होगी।

रजिस्ट्री कराने का काम ‘सारा’ मोबाइल एप और ‘संपदा’ एप के माध्यम से पूरी की जाएगी। पंजीयन प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर ही पटवारी द्वारा किया जाएगा। पटवारी को निष्पादन अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पीसीओ एवं एडीईओ को पंजीयन अधिकारी नियुक्त किया गया है। पंजीयन पूरा होने के बाद विलेख हितग्राही के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान की जिला स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी। इसे एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

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