Monday, November 2, 2026
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पीएम मोदी करेंगे अपने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा!… खुलेगा मंत्रालयों के कामकाज का हिसाब

दो दिन मंत्रियों की बढ़ेगी धड़कन

नई दिल्ली/खबर डिजिटल/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार और गुरुवार यानी 23 और 24 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ आयोजित हो रही है। यह सामान्य कैबिनेट बैठक से अलग एक व्यापक समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर केंद्रित सत्र है। इसमें सरकार के अब तक के कामकाज का आकलन करने के साथ आने वाले समय के लिए नई प्राथमिकताओं, सुधारों और योजनाओं पर मंथन किया जाएगा।

कामकाज को गति देने की प्रक्रिया
बैठक को लेकर केंद्रीय मंत्रियों और मंत्रालयों के स्तर पर तैयारियां तेज हैं। अलग-अलग मंत्रालयों ने अपने कामकाज और उपलब्धियों को लेकर प्रस्तुतियां तैयार की हैं। इनमें अब तक शुरू किए गए काम, योजनाओं की प्रगति, सुधारों की स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी। सरकार का मुख्य फोकस यह जानने पर है कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में अब तक कितना काम हुआ और आगे किन क्षेत्रों में नई गति देने की जरूरत है।

मंत्रियों और मंत्रालयों के कामकाज की होगी समीक्षा
चिंतन शिविर में मंत्रालयों के कामकाज का व्यापक स्तर पर जायजा लिया जाएगा। कौन-सी योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ीं, किन क्षेत्रों में अपेक्षित परिणाम मिले और कहां सुधार की जरूरत है—इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तुतियों में मंत्रालयों और विभागों की ओर से किए गए कार्यों के साथ भविष्य की कार्ययोजना को भी सामने रखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रस्तुतियों के आधार पर आगे की प्राथमिकताओं और सुधारों को लेकर दिशा-निर्देश दे सकते हैं।

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2047 के लक्ष्य के साथ 2029 तक की भी तैयारी
बीजेपी सरकार के चिंतन शिविर का उद्देश्य केवल बीते कामकाज की समीक्षा तक सीमित नहीं है। सरकार की नजर अगले चरण की योजनाओं और सुधारों पर भी है। चर्चा का एक बड़ा हिस्सा विकसित भारत@2047 के दीर्घकालिक लक्ष्य से जुड़ा है। इस पूरी कवायद की शुरुआत 2021 में हुई थी। तब विजन@2047 तैयार करने और उसके लिए शॉर्ट टर्म तथा लॉन्ग टर्म रोडमैप बनाने के लिए सचिवों के 10 सेक्टोरल ग्रुप बनाए गए थे। इसके लिए अलग-अलग हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श भी किया गया था।

सिर्फ मंत्री और सचिव नहीं, कई स्तरों पर होगा मंथन
इस प्रक्रिया की खास बात यह है कि इसमें केवल किसी एक मंत्रालय के मंत्री और सचिव तक चर्चा सीमित नहीं है। सचिवों के समूह, संबंधित मंत्रालय और विभाग, कैबिनेट सचिवालय तथा नीति आयोग की टीमों के काम को एक साथ रखकर व्यापक समीक्षा की जा रही है। सरकार के सामने सुधार, ईज ऑफ लिविंग, अनुपालन यानी सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताओं पर भी चर्चा का एजेंडा है।

आठ प्रस्तुतियां हो चुकीं, आगे भी जारी रहेगा सिलसिला
केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सामने ‘विकसित भारत@2047’ से जुड़े विभिन्न विषयों पर अब तक आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं। 23 और 24 सितंबर का चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने वाला अगला महत्वपूर्ण चरण है। सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि यह दो दिवसीय बैठक अंतिम चरण नहीं है। आने वाले दिनों में भी अलग-अलग विषयों और प्राथमिकताओं पर चर्चा के लिए आगे के दौर आयोजित किए जा सकते हैं। यानी अगले दो दिनों में होने वाला यह मंथन केवल ‘किसने कितना काम किया’ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के अगले चरण की दिशा, नई प्राथमिकताओं और 2047 के बड़े लक्ष्य को हासिल करने की रणनीति पर भी फोकस करेगा।

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