बैंगलुरू: पृथ्वी दिवस के मौके पर टाइटन कंपनी लिमिटेड ने तमिलनाडु के होसुर के थोरापल्ली क्षेत्र में अपनी अनूठी हरित पहल ‘टाइटन वनम’ का उद्घाटन किया। इस परियोजना के तहत 45 एकड़ बंजर भूमि को 120 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधों के साथ एक जीवंत उष्णकटिबंधीय कांटेदार जंगल में बदल दिया गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 20 वर्षों में सालाना लगभग 800 टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में कटौती करना है।
स्थायी विकास की दिशा में बड़ा कदम
दिसंबर 2024 में शुरू हुई इस पहल के तहत दो क्षेत्रों — थोरापल्ली (33 एकड़) और बिल्लानाकुप्पम (12.5 एकड़) — में अब तक 2 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। यह काम मीडियस अर्थ के तकनीकी मार्गदर्शन और बायोटासॉयल फाउंडेशन के सहयोग से संभव हुआ। बेसलाइन इकोलॉजिकल सर्वे के तहत कुल 241 प्रजातियों की पहचान की गई, जिनमें दुर्लभ और संरक्षित पौधों की प्रजातियां भी शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर सीके वेंकटरमन, चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर एनई श्रीधर, कृष्णागिरी जिले के कलेक्टर दिनेश कुमार और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर टाइटन वनम का साइनबोर्ड और विभिन्न प्रजातियों की सूची का भी अनावरण किया गया।
वनम: सिर्फ वृक्षारोपण नहीं, एक दीर्घकालिक दृष्टि
सीके वेंकटरमन ने कहा, “वनम केवल एक वृक्षारोपण परियोजना नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए कार्बन न्यूट्रल और आत्मनिर्भर वन प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
स्थानीय जैव विविधता का पुनर्जीवन
परियोजना के माध्यम से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कटौती होगी, बल्कि भूजल स्तर में सुधार, मिट्टी के क्षरण को रोकने और वायु गुणवत्ता में सुधार जैसे अनेक पर्यावरणीय लाभ भी होंगे। यह क्षेत्र हाथियों के ऐतिहासिक कॉरिडोर के पुनर्जीवन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
भविष्य की योजनाएं
टाइटन अगले तीन वर्षों तक इस परियोजना की देखभाल करेगा। कंपनी हर तीन महीने में पौधों के विकास की निगरानी करेगी और बायोफेंसिंग के जरिए साइट की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। परियोजना का लगभग 10-15% क्षेत्र दुर्लभ और संरक्षित प्रजातियों के संरक्षण के लिए आरक्षित किया गया है।
कृष्णागिरी जिले के कलेक्टर दिनेश कुमार ने कहा, “टाइटन वनम इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि किस तरह सार्वजनिक और निजी साझेदारी से बंजर भूमि को जीवनदायिनी जंगलों में बदला जा सकता है।”
हरित भविष्य की ओर कदम
टाइटन कंपनी लिमिटेड इस परियोजना को एक लिविंग लैबोरेटरी के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है, ताकि शोधकर्ताओं, स्थानीय समुदायों और अन्य हितधारकों के सहयोग से इसे एक मॉडल इनिशिएटिव बनाया जा सके।
