P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Friday, April 17, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशमध्यप्रदेश में फिर मचा सियासी घमासान, दिग्विजय सिंह के इंटरव्यू के बाद...

मध्यप्रदेश में फिर मचा सियासी घमासान, दिग्विजय सिंह के इंटरव्यू के बाद कमलनाथ ने की तीखी टिप्पणी

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिग्विजयसिंह पर की टिप्पणी

भोपाल/ खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान मच गया है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक इंटरव्यू में कांग्रेस की सरकार गिरने को लेकर एक सवाल पूछा था जिसमें दिग्विजयसिंह ने बातों ही बातों में ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर कई बातें कहीं। जिसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट एक्स पर जवाब दिया – “मध्य प्रदेश में 2020 में मेरे नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने को लेकर हाल ही में कुछ बयानबाजी की गई है। मैं सिर्फ़ इतना कहना चाहता हूँ कि पुरानी बातें उखाड़ने से कोई फ़ायदा नहीं। लेकिन यह सच है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के अलावा श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को यह लगता था कि सरकार श्री दिग्विजय सिंह चला रहे हैं। इसी नाराज़गी में उन्होंने कांग्रेस के विधायकों को तोड़ा और हमारी सरकार गिरायी।”

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का ट्वीट

दिग्विजय सिंह के इंटरव्यू के मुख्य अंश

दिग्विजय ने कहा कि कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की वो मांग नहीं मानी, जिस पर डिनर के दौरान सहमति बनी थी। इसी कारण सरकार गिर गई। दिग्विजय ने कहा कि इस बात का दुख है कि हमें जिन पर पूरा भरोसा था, उन लोगों ने धोखा दे दियाञ। आइडियोलॉजिकल क्लैश नहीं बल्कि क्लैश ऑफ पर्सनालिटी हो गया। दिग्विजय से जब पूछा गया कि अगर कमलनाथ ग्वालियर चंबल संभाग से जुड़ी मांगें मान लेते तो शायद यह नौबत नहीं आती? इस पर उन्होंने स्वीकार किया कि शायद फिर यह नौबत नहीं आती।

इंटरव्यू के लिए ये लिंक देखें https://www.facebook.com/share/v/15mcU26obH

उद्योगपति के घर डिनर पर बनी थी समझौते की विशलिस्ट लेकिन नहीं हुआ अमल

दिग्विजय सिंह ने पॉडकास्ट में बताया कि एक बड़े इंडस्ट्रियलिस्ट से मैंने मध्यस्थता की बात कही थी क्योंकि कमलनाथ और सिंधिया दोनों से उनके अच्छे संबंध हैं। मैंने उनको कहा था कि इन दोनों की लड़ाई में हमारी सरकार गिर जाएगी। आप जरा संभालिए, दिग्विजय ने बताया कि उनके घर डिनर रखा गया और मैं भी उसमें शामिल हुआ। वहां पर सभी इश्यूज को लेकर एक लिस्ट तैयार हुई, लेकिन उसका पालन नहीं हो पाया। डिनर मीटिंग ये तय हुआ था कि था कि ग्वालियर-चंबल संभाग में जैसा हम दोनों कहेंगे, वैसा कर देंगे। हम दोनों ने दूसरे दिन विशलिस्ट बनाकर दे दिया, मैंने भी दस्तखत कि लेकिन विशलिस्ट का पालन नहीं हुआ। गौरतलब है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगातवत के बाद गिर गई थी। सिंधिया अपने समर्थक विधायकों को लेकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे पहले सिंधिया और कमलनाथ के बीच तल्खी सार्वजनिक रूप से देखी जानी लगी थी।

यह मेरा दुर्भाग्य, मुझ पर वह आरोप लगा जिसका मैं दोषी नहीं

दिग्विजय सिंह ने कहा कि ये प्रचारित किया गया कि मेरी और सिंधिया की लड़ाई की वजह से कमलनाथ की सरकार गिर गई लेकिन सच्चाई ये नहीं है। मैंने चेताया था कि ऐसी घटना हो सकती है। दिग्विजय का कहना था कि मेरा दुर्भाग्य है कि शायद मेरी कुंडली में यह है कि मुझ पर हमेशा वह आरोप लगेगा जिसमें मैं दोषी नहीं हूं।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट