भोपाल/ खबर डिजिटल/ जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में अब तक 34 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के भी लोग शामिल हैं। मंदसौर जिले के दो श्रद्धालु अभी भी लापता हैं, जबकि सात लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मंदसौर जिले के भीलखेड़ी से गए श्रद्धालु कटरा मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आ गए। हादसे में फकीर चंद गुर्जर (50) और रतन बाई गुर्जर (65) की मौत हो गई। वहीं, सोहन भाई (47), देवीलाल (45) और ममता (30) घायल हुए हैं, जिनका इलाज कटरा में जारी है। परमानंद (29) और अर्जुन (28) अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
ये श्रद्धालु 23 अगस्त 2025 को पिपलिया स्टेशन से माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए रवाना हुए थे। मंगलवार की दोपहर अर्धकुमारी के पास भारी बारिश के चलते हुए भूस्खलन में ये लोग मलबे की चपेट में आ गए।
पिछले दो दिनों से बारिश और बाढ़ की तबाही से जम्मू-कश्मीर में मरने वालों की संख्या 41 तक पहुंच गई है। इनमें से 34 श्रद्धालु माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए जा रहे थे। इस आपदा के बाद कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं और 58 ट्रेनों को रद्द भी किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा—
“श्री माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन के कारण हुई जनहानि दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन सभी प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करता हूं।”


