मुंबई : भारतीय हस्तशिल्प और कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में जेएसडब्ल्यू (JSW) फाउंडेशन ने एक ऐतिहासिक साझेदारी की घोषणा की है। फाउंडेशन ने वेनिस, इटली में आयोजित होने वाले दुनिया के मशहूर शिल्प प्रदर्शनी ‘होमो फेबर 2026’ के साथ हाथ मिलाया है। इस सहयोग के माध्यम से भारतीय कारीगरों को सितंबर 2026 में वैश्विक मंच पर अपनी असाधारण कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
‘प्रकाश का द्वीप’ थीम के तहत वैश्विक प्रदर्शन होमो फेबर बायेनिअल के चौथे संस्करण की थीम “होमो फेबर 2026: ऐन आईलैंड ऑफ लाइट” (प्रकाश का द्वीप) रखी गई है। यह आयोजन 1 से 30 सितंबर 2026 तक वेनिस के ऐतिहासिक सैन जियोर्जियो मैगीगोर द्वीप पर होगा। जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन के सहयोग से भारतीय शिल्पकार अब केवल अपनी पारंपरिक लोककथाओं के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समकालीन रचनात्मक साथियों के रूप में दुनिया के सामने आएंगे। यह साझेदारी भारतीय कारीगरों को पारंपरिक सीमाओं से परे वैश्विक बाजार और पहचान दिलाने में मदद करेगी।
परिवर्तनकारी नेतृत्व और विज़न जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन की चेयरपर्सन संगीता जिंदल ने कहा कि उन्हें गर्व है कि फाउंडेशन भारतीय कारीगरों को एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा है जहाँ वे वैश्विक दर्शकों के साथ साझा रचनात्मक भाषा में संवाद कर सकेंगे। माइकल एंजेलो फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक अल्बर्टो कैवल्ली ने भी इस भागीदारी का स्वागत करते हुए कहा कि जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन के साथ मिलकर वे भारत के उन प्रतिभाशाली शिल्पियों को सम्मान और नई उम्मीद देंगे, जिनकी कला मानवीय सुंदरता की सार्वभौमिक भाषा है।
यह पहल भारत की समृद्ध शिल्प विरासत को न केवल संरक्षित करती है, बल्कि उसे भविष्य की रचनात्मक शक्ति के रूप में दुनिया के सामने पुनर्स्थापित करती है।


