नई दिल्ली : भारत की कार्यबल शक्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें भविष्य की उभरती नौकरियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने आज आईपीई ग्लोबल लिमिटेड (IPE Global Limited) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य एक ‘जेंडर-रिस्पॉन्सिव’ (लिंग-उत्तरदायी) कौशल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जो विशेष रूप से युवा महिलाओं को आधुनिक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और अवसरों के लिए सक्षम बनाएगा।
साझेदारी के मुख्य स्तंभ और लक्ष्य यह सहयोग केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन संरचनात्मक बाधाओं को दूर करने पर केंद्रित है जो महिलाओं को औपचारिक रोजगार से दूर रखती हैं। साझेदारी के तहत उद्योग की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण को संरेखित किया जाएगा और निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से महिलाओं के लिए बेहतर प्लेसमेंट मार्ग सुनिश्चित किए जाएंगे। MSDE की सचिव सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने इस अवसर पर जोर दिया कि महिलाओं का कौशल विकास भारत के समावेशी विकास का केंद्र है और यह समझौता कम सेवा वाले क्षेत्रों की महिलाओं को गरिमापूर्ण रोजगार दिलाने में सहायक होगा।
जागरूकता और डेटा-संचालित शासन साझेदारी की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता एक बहुभाषी राष्ट्रीय जागरूकता अभियान की शुरुआत है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास और औपचारिक नौकरियों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही, जेंडर-समावेशी भर्ती प्रतिबद्धताओं के लिए नियोक्ताओं के साथ संपर्क बढ़ाया जाएगा और प्रगति की निगरानी के लिए डेटा-संचालित प्रणालियों को मजबूत किया जाएगा। यह पहल किशोरियों के लिए MSDE के विशेष कौशल प्रयासों को और अधिक परिणाम-उन्मुख और भविष्य के लिए तैयार मॉडल में बदलने का काम करेगी।


