खबर digitalकटनी।केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के फैसले के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सीधा हमला बोलते हुए इसे गरीब, किसान और मजदूर विरोधी कदम बताया।शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर महात्मा गांधी की विचारधारा और गरीबों के अधिकारों को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से गांधी जी लोगों के दिलों से नहीं निकलेंगे, बल्कि इससे भाजपा की गरीब विरोधी सोच उजागर होती है।ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा मजदूरों के लिए जीवन रेखा थी। मनमोहन सिंह सरकार ने 15 दिन में भुगतान का कानूनी अधिकार दिया था, लेकिन भाजपा शासन में मजदूरों को महीनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में पिछले तीन वर्षों से भुगतान लंबित है, जो मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा हमला है।युवा नेता अंशु मिश्रा ने कहा कि पहले मनरेगा का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था में 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर भार डाला जा रहा है।राष्ट्रीय प्रवक्ता सौम्या रांधेलिया ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रची जा रही है।पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब लाखों मजदूर शहरों से गांव लौटे थे, तब मनरेगा ने ही उन्हें काम और सम्मान दिया था।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा से छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर किसान और मजदूरों के हक में जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा।इस प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।congress-protests-against-renaming-of-mgnrega-in-katni
मनरेगा नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शनकांग्रेस बोली – “गांधी नहीं, गरीबों का हक मिटाने की साजिश”
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