डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ 8 जनवरी, 2026 जब हौसले और सरकारी मदद के पंख साथ मिल जाएं, तो उम्मीद की उड़ान नामुमकिन नहीं रहती। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में आज एक ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहाँ प्रशासन की तत्परता ने एक गरीब परिवार की बेटी के लिए जीवन की नई राह खोल दी। ग्राम पिपरिया की 25 वर्षीय कीर्ति चंदेल, जो पिछले दो महीनों से गंभीर बीमारी और आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं, उन्हें आज मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से ‘पीएम श्री’ एयर एम्बुलेंस के जरिए एम्स (AIIMS) भोपाल भेजा गया।
संघर्ष और बढ़ती बीमारी की कहानी
कीर्ति चंदेल का परिवार मजदूरी और खेती पर निर्भर है। भाई पुनु दास चंदेल ने बताया कि कीर्ति के कमर में ट्यूमर था, जिसकी सर्जरी दो माह पूर्व रायपुर में कराई गई थी। हालांकि, ऑपरेशन के बाद भी सुधार नहीं हुआ और स्थिति बिगड़ती गई। मंगलवार को जब उसे जिला चिकित्सालय डिंडोरी के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया, तो उसकी हालत अत्यंत नाजुक थी।
कलेक्टर की संवेदनशीलता: “तुम अकेली नहीं हो”
जैसे ही जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज पांडे ने स्थिति की गंभीरता कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया तक पहुंचाई, प्रशासनिक तंत्र तत्काल सक्रिय हो गया। कलेक्टर ने बिना समय गंवाए प्रदेश शासन से संपर्क किया और केंद्र सरकार की ‘पीएम श्री’ योजना के तहत एयर एम्बुलेंस की अनुमति प्राप्त की। मरीज को विदा करने का पल भावुक कर देने वाला था। कलेक्टर श्रीमती भदोरिया स्वयं एयर एम्बुलेंस के भीतर गईं, कीर्ति का हाथ थामा और उसे सांत्वना दी। उन्होंने न केवल कीर्ति का हौसला बढ़ाया, बल्कि अपना व्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी परिवार को दिया, ताकि इलाज के दौरान किसी भी बाधा पर सीधे बात की जा सके।
विशेषज्ञों की देखरेख में उड़ान
दोपहर को जैसे ही एयर एम्बुलेंस ने डिंडोरी से भोपाल के लिए उड़ान भरी, पूरा प्रशासनिक अमला वहां मौजूद रहा।
पायलट टीम: कैप्टन जे.एस. चौहान और कैप्टन संजय कुमार शर्मा।
मेडिकल टीम: डॉक्टर पंकज और मरीज के परिजन।
प्रशासनिक उपस्थिति: एसडीएम भारती मेरावी, एसडीओपी सतीश द्विवेदी और जनसंपर्क अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मुस्तैद रहे।
योजना बनी वरदान
यह मामला इस बात का प्रमाण है कि ‘पीएम श्री’ एयर एम्बुलेंस सेवा दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। कीर्ति का परिवार, जो इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ था, आज सरकार की इस पहल से उम्मीद की नई किरण देख रहा है। जिले भर के नागरिकों ने कीर्ति के जल्द स्वस्थ होने और प्रशासन के इस कार्य की सराहना की है।
इनका कहना है
”शासन का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की सेवा करना है। कीर्ति हमारी बेटी है, और उसके इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।” — श्रीमती अंजू पवन भदोरिया, कलेक्टर डिंडोरी


