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Friday, April 17, 2026
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Land Pooling Act in MP: पंजाब की तरह अब उज्जैन में भी किसानों का होगा प्रदर्शन

land pooling act in MP: पंजाब की तरह अब उज्जैन में भी किसानों का होगा प्रदर्शन

Land Pooling Act in MP: पंजाब की तरह अब मध्यप्रदेश के उज्जैन Ujjain में लैंड पुलिंग एक्ट के विरोध में किसान धरने पर बैठेंगे। किसान संघ ने मोहन यादव सरकार के खिलाफ ये फैसला ले लिया है। सिंहस्थ भूमि में स्थाई निर्माण के खिलाफ भारतीय किसान संघ की आर पार की लड़ाई की तैयारी शुरू हो गयी है। लेण्डपुलिंग और सिंहस्थ भूमि में स्थायी निर्माण के खिलाफ उज्जैन में पिछले 9 माह से चला आ रहा किसानों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है।

18 नवम्बर से कलेक्टर कार्यालय का अनिश्चित कालीन घेराव

किसान अब आर पार की लड़ाई के मुड़ में नजर आ रहे है। भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने प्रेसवार्ता कर आंदोलन की रूप रेखा बताई। जिसके तहत आगामी 10 नवम्बर को मालवा प्रान्त के सभी जिला मुख्यालय पर ज्ञापन दिया जाएगा, इसके बाद भी यदि मांगे नही मानी गई तो 18 नवम्बर को उज्जैन के कलेक्टर कार्यालय का घेराव होगा। खास बात यह है कि यह घेराव अनिश्चित कालीन होगा। किसान अपने परिवार के साथ यहां पहुंचेंगे और पंजाब की तर्ज पर यहीं डेरा डालेंगे।

परिवार के साथ धरने पर बैठेंगे किसान

दरअसल भारतीय किसान संघ ने किसानों के हित मे फरवरी माह में तहसील स्तर पर ज्ञापन दिया था। इसके बाद 16 सिप्टेम्बर को हजारों टेक्टरों के साथ किसानों ने रैली निकाली थी। 5 नवम्बर को महिलाओं ने लेण्डपुलिंग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों के दौरान भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी औऱ राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सिंहस्थ भूमि में स्थाई निर्माण के खिलाफ किसान

इसी कड़ी में अब आगामी 10 नवंबर को मालवा प्रांत के सभी जिला केंद्र पर लेंड पुलिंग कानून के खिलाफ ज्ञापन दिया जाएगा। यदि सरकार मांगे नही मानती है तो आरपार को लड़ाई के तहत 18 नवम्बर को कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस घेराव को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन नाम दिया गया है। इस दौरान किसान अपने परिवार के साथ कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना देंगे। यही अस्थाई तौर पर तंबू लगाए जाएंगे। रात रुकना, सोना, नहाना, खाना बनाना सभी होगा। यह प्रदर्शन पंजाब की तर्ज पर होगा।

भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना का कहना है कि उनकी मुख्य मांग लैंड पूलिंग एक्ट पूरी तरह खत्म हो और सिहस्थ भूमि पर स्थाई निर्माण न किया जाए। इस संबंध में खुद सरकार हमसे बात करें और स्पष्टीकरण दें।

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