Modi Cabinet Expansion: मध्यप्रदेश की सियासत और दिल्ली सूत्रों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मध्य प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश कार्यसमिति का एलान होने के बाद अब सूबे के दिग्गज नेताओं की नजरें दिल्ली में मोदी कैबिनेट विस्तार और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम पर टिक गई हैं। सूत्रों की खबरों के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल में मध्य प्रदेश से एक बड़ा फेरबदल होने जा रहा है, जिसमें विंध्य अंचल के दो कद्दावर सांसदों की किस्मत का ताला खुल सकता है।
कैबिनेट से आउट होंगे ये चेहरे!
दिल्ली के गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों में वीरेंद्र कुमार और सावित्री ठाकुर के खराब परफॉर्मेंस और रिपोर्ट कार्ड को देखते हुए आगामी फेरबदल में उनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। राजनैतिक समीकरणों को देखते हुए इस बार सामान्य वर्ग के बजाय ओबीसी और क्षेत्रीय संतुलन को साधने के लिए बीजेपी नया कार्ड खेल सकती है।
ओबीसी कोटे से गणेश सिंह
सतना लोकसभा सीट से कद्दावर सांसद गणेश सिंह का नाम रेस में सबसे आगे है। गणेंश सिंह कुर्मी नेता हैं और पूरे विंध्य अंचल में कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। ओबीसी वर्ग को साधने के लिए पार्टी उन पर बड़ा दांव लगा सकती है।
सामान्य से जनार्दन मिश्रा
सूत्रों का मानना है कि यदि सामान्य वर्ग से किसी सांसद को मोदी कैबिनेट में एंट्री मिलती है, तो रीवा से फायरब्रांड सांसद जनार्दन मिश्रा को मौका दिया जा सकता है।
दिल्ली की ओर भागे नेता!
राजनैतिक जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश हमेशा से ही बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी प्रयोगशाला रहा है। यही वजह है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ-साथ राष्ट्रीय संगठन की नई सूची में भी मध्य प्रदेश से चार बड़े नेताओं को शामिल करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिनमें एक सामान्य वर्ग से, एक ओबीसी से, एक अनुसूचित जाति और एक अनुसूचित जनजाति वर्ग से एंट्री मार सकता है। इस खबर के सामने आते ही मध्य प्रदेश के कई सांसद और सीनियर नेता गुपचुप तरीके से भोपाल से दिल्ली की ओर उड़ान भर रहे हैं, ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दरबार में अपनी गोटियां फिट कर सकें।
