भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश का पुराना घटनाक्रम सभी को याद है कि किस तरह से कमलनाथ की सरकार को बीजेपी ने गिरा दिया था, उस समय करीब 25 कांग्रेस के विधायकों ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में बीजेपी का दामन थाम कांग्रेस को बाय-बाय कह दिया था, वहीं अब सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह की पोस्ट का अंबार लगा है कि जल्द ही मोहन सरकार गिर सकती है, और वो भी पुराने ऑपरेशन लोटस की तर्ज पर, इसको लेकर हमने अंदरखानों के कुछ लोगों से चर्चा की, जिसको आज हम आपसे साझा करने वाले हैं।
क्या सोशल मीडिया की अफवाह में है दम
सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में उलटफेर हो सकता है, बीजेपी के करीब 71 विधायक और कुछ मंत्री कांग्रेस के संपर्क में है, इसमें कितना दम है, इसको लेकर जब हमने बीजेपी के सूत्रों को खंगाला तो उन्होंने साफतौर पर इंकार कर दिया, और कहा गया कि कांग्रेस कुछ भी कर ले, वो सत्ता में वापसी नहीं कर सकती है। बीजेपी के अंदरुनी सूत्रों ने यहां तक कहा कि बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता समर्पित होते हैं, एक आध को छोड़ दिया जाए, तो कभी भी बल्क में बीजेपी के नेताओं को इतनी बड़ी संख्या पार्टी के खिलाफ नहीं गई।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट पर साधी चुप्पी
सोशल मीडिया पर ऑपरेशन लोटस की तर्ज पर चल रही अफवाहों के बीच हमने कांग्रेस के अंदरुनी सूत्रों को भी खंगाला, बात करने पर पता चला कि कांग्रेस को इस तरह की सोशल मीडिया पोस्ट से ऊर्जा मिलती है, यदि कहीं कुछ घट भी रहा है तो वो यहीं कहते नजर आ रहे हैं कि बीजेपी के अंदर वर्तमान परिस्थिति के अनुसार नाराजगी है, लेकिन इसका परिणाम आखिर क्या होगा, ये तो आने वाला वक्त ही बता सकता है। साथ ही कांग्रेस की तरफ से दावा किया जा रहा है कि मध्यप्रदेश में आगामी वक्त में कांग्रेस का ही मुख्यमंत्री नजर आएगा।
कुल मिलाकर यह निकला निष्कर्ष
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार पर फिलहाल तो कोई आंच आती नजर नहीं आ रही है, क्योंकि जिस तरह से मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडल की नियुक्तियों को लेकर कवायद चल रही है, उसको लेकर माना जा रहा है कि किसी तरह के डैमेज कंट्रोल को दुरुस्त करने के लिए बीजेपी के पास तमाम तरह के शस्त्र मौजूद है। साथ ही संघ की कड़ी नजर बीजेपी के हर घटनाक्रम पर बनी हुई है, जिसकी एक तस्वीर पूर्व संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की संघ में वापसी के रुप में दिखाई दे गई। वहीं अब इसे भोपाल के समिधा से निकला संदेश और इंदौर के सुदर्शन से निकला परिणाम माना जा रहा है, जिसके बाद ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट के सामने आने को सस्ती लोकप्रियता हासिल करना भी कह सकते हैं, हालांकि कांग्रेस सोशल मीडिया की लगातार हो रही पोस्ट को लेकर उत्साहित तो है।


